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25 नए पॉजिटिव, राजस्थान में शुरू होगी प्लाज्मा थेरेपी; गहलोत बोले- नॉन कोरोना मरिजों को एसएमएस जैसी सुविधा 3 अस्पताल में मिलेगी

  • राजस्थान में सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति जयपुर की है, यहां संक्रमितों की संख्या 778 पहुंची, अब तक शहर में संक्रमण से 19 की जान जा चुकी है
  • प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में मिलने वाली ओपीडी की सुपर स्पेशलिटी जैसी समस्त सेवाएं अब 3 अन्य अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएंगी

जयपुर. राजस्थान में लॉकडाउन के 11वें दिन 25 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए। जिसमें अजमेर में 8, झालावाड़ और जोधपुर में 5-5, कोटा में 4, धौलपुर में 2 और डूंगरपुर में 1 संक्रमित मिला। जिसके बाद राजस्थान में कुल संक्रमितों को आंकड़ा 2059 पहुंच गया है।

राजस्थान में शुरू होगी प्लाज्मा थेरेपी; डोनर तैयार है… अब सिर्फ केंद्र की मंजूरी का इंतजार

कोरोना के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी काफी कारगर हो रही है। इसे देखते हुए राजस्थान सरकार ने आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) से इसका इस्तेमाल करने की मंजूरी मांगी है। एसएमएस ने प्लाज्मा डोनर भी तैयार कर लिया है, अब बस केंद्र की मंजूरी का इंतजार है। अनुमति मिलते ही एसएमएस इसका इस्तेमाल करने वाला प्रदेश का पहला अस्पताल बन जाएगा। राजस्थान में कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं लेकिन अभी इनके लिए कोई पुख्ता इलाज उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्रशासन ने तय किया कि क्यों ना प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना के मरीजों का इलाज किया जाए। इसके लिए एक टीम गठित की गई। टीम नेे थेरेपी की तकनीक और इससे कैसे इलाज होगा, इस पर काम शुरू किया। करीब 7 दिन की मेहनत के बाद टीम ने इसे करने के लिए सहमति दे दी और अब आईसीएमआर से अनुमति मांगी गई है। इस टीम में एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी, ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. सुनीता बुंदास, मेडिसिन प्रोफेसर डॉ. रमन शर्मा और प्रिंसीपल स्पेशलिस्ट, मेडिसिन डॉ. अजीत सिंह हैं। टीम सदस्यों का कहना है कि हम पूरी तैयारी कर चुके हैं अौर जैसे ही अनुमति आएगी, दो दिन में ही थेरेपी से इलाज करना शुरू कर देंगे। जहां तक उम्मीद है अगले तीन से पांच दिन में अनुमति मिल जाएगी। बता देंे कि दिल्ली, केरल और मध्यप्रदेश में प्लाज्मा थेरेेपी से इलाज शुरू हो चुका है। दिल्ली सरकार का कहना है कि इसके अच्छे नतीजे दिख रहे हैं।

गहलोत का ऐलान : नॉनकोरोना मरीजों के लिए एसएमएस जैसी सुविधा वाले 3 अस्पताल, मेडिकल स्टाफ को थ्री स्टार होटलों में रखेंगे
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में मिलने वाली ओपीडी की सुपर स्पेशलिटी जैसी समस्त सेवाएं अब 3 अन्य अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएंगी। इन्हें नॉन-कोविड श्रेणी का घोषित किया गया है। एसएमएस के 150 डॉक्टरों व नर्सिंगकर्मियों को संक्रमण से बचाने के लिए आरटीडीसी के अलावा अन्य प्राइवेट थ्री-स्टार होटलों में रुकने और लाने-ले जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई है। नॉन कोविड अस्पतालों में शास्त्री नगर स्थित कांवटिया अस्पताल, सेठी कॉलोनी और बनी पार्क के सेटेलाइट अस्पताल को शामिल किया गया है। सीएम गहलोत ने कहा- नॉन कोरोना मरीजों के लिए घर तक इलाज पहुंचाने को प्रदेश में 400 मोबाइल ओपीडी वैन की सुविधा पहले ही शुरू कर दी गई है। सीएम ने एसएमएस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि संबधित जरूरी उपकरणों और जांच किट की खरीद वे सीधे ही कर सकेंगे।

राजस्थान: कोटा में ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचा संक्रमण, भीलवाड़ा मे 33 में से 30 रोगियों की उम्र 60 साल से कम इसलिए सभी ठीक हो गए

जयपुर में अब तक 19 मौतें
जयपुर में कोरोना बेकाबू हो चला है। बीते 24 घंटे में ही यहां 4 लोगों की मौत हो गई। इसी के साथ जयपुर में मौतों का आंकड़ा 19 तक पहुंच गया है। वहीं, प्रदेश में 32 लोग काल के गाल में समा चुके हैं। शुक्रवार को 36 नए मरीज मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा 18 रामगंज के ही रहने वाले हैं। 2 पॉजिटिव उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इसी के साथ शहर में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 776 (इटली दंपती शामिल नहीं) पहुंच गया है। नए मरीजों में मेडिकल मोबाइल यूनिट का एक डॉक्टर भी पॉजिटिव है।

कोटा में ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचा कोरोना
कोटा में कोरोना संक्रमण को लेकर हालात दिनों दिन बेकाबू होते जा रहे हैं। रोजाना नए इलाकों से संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। अब कोटा जिले के ग्रामीण अंचल से मरीज रिपोर्ट होने लगे हैं। शनिवार को यहां 4 नए पॉजिटिव केस सामने आए। इससे पहले शुक्रवार को एक ही दिन में 22 नए मरीज आए, इनमें सर्वाधिक 14 मरीज सुकेत आए हैं। इनमें 13 मरीज सुकेत की उसी कंस्ट्रक्शन कंपनी के मजदूर हैं, जहां के 5 मजदूर पहले पॉजिटिव आ चुके हैं। वहीं रामगंजमंडी की खैराबाद चौकी का एक कांस्टेबल भी पॉजिटिव मिला है।

कोटा कोचिंग छात्रों को राजस्थान में अपने-अपने घर पहुंचाया गया।भीलवाड़ा मे 33 में से 30 रोगियों की उम्र 60 साल से कम इसलिए सभी ठीक हो गए
कोरोना हॉटस्पॉट भीलवाड़ा के लिए राहत भरी खबर है। एमजी हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक और रोगी के ठीक हो जाने से शुक्रवार को डिस्चार्ज कर घर भेज दिया। ये जिले के ऐसे पहले कोरोना पॉजिटिव मरीज थे जो कम्यूनिटी से थे। इससे पहले सभी बांगड़ हॉस्पिटल के संपर्क वाले ही पॉजिटिव मिल रहे थे। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. राजन नंदा व एमजी हॉस्पिटल के पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ ने उनको गुलाब का फूल देकर घर के लिए रवाना किया। उधर, भीलवाड़ा में अब तक मिले 33 पॉजिटिव रोगियों के बारे में प्रशासनिक अधिकारियों, डॉक्टर्स की और से किए विश्लेषण में सामने आया कि 33 में से केवल तीन रोगी यानी करीब नौ प्रतिशत 60 साल से ज्यादा की उम्र के थे। बाकी रोगियों की उम्र कम होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी थी इसलिए सभी रोगी आसानी से ठीक हो गए। अभी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती चार रोगियों की भी पहली रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। उनकी रिपोर्ट पांच दिन में ही पॉजिटिव से निगेटिव आने का कारण डॉक्टर्स उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होना मान रहे हैं।

राजस्थान पुलिस ने जयपुर परकोटे में संभाला मोर्चा।

राजस्थान: जयपुर में संक्रमितों का आंकड़ा 778 पहुंचा

  • प्रदेश में संक्रमण के सबसे ज्यादा केस जयपुर में हैं। यहां 778 (2 इटली के नागरिक) संक्रमित हैं। इसके अलावा जोधपुर में 368 (इसमें 47 ईरान से आए), टोंक में 115, कोटा में 148, भरतपुर में 107, अजमेर में 114, नागौर में 93, बांसवाड़ा में 61, जैसलमेर में 48 (इसमें 14 ईरान से आए), झुंझुनूं में 41, बीकानेर में 37, भीलवाड़ा में 33 मरीज मिले हैं। उधर, दौसा में 21, झालावाड़ में 29, चूरू में 14, हनुमानगढ़ में 10, सवाईमाधोपुर में 8, अलवर में 7, डूंगरपुर में 6, सीकर और उदयपुर में 4-4, धौलपुर, पाली और करौली में 3-3, बाड़मेर और प्रतापगढ़ में 2-2 कोरोना मरीज मिल चुके हैं।
  • राजस्थान में कोरोना से अब तक 32 लोगों की मौत हुई। इनमें सबसे ज्यादा 19 मौतें जयपुर में हुई। वहीं, कोटा में तीन, जोधपुर, भीलवाड़ा में दो-दो की जान जा चुकी है। इसके अलावा नागौर, बीकानेर, अलवर, भरतपुर और टोंक और सीकर में एक-एक की मौत हुई है। इनमें एक 13 साल की बच्ची है, बाकी सभी मृतकों की उम्र 47 साल से ज्यादा थी।

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