क्या चल रहा है?

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को छात्रों की मदद करने को कहा, केंद्र से एक हफ्ते में जवाब मांगा

  • हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा है कि बाहर फंसे छात्रों को वापस लाने की व्यवस्था कैसे होगी
  • जस्टिस हेमंत कुमार और आरके मिश्रा की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है

पटना. राजस्थान के कोटा समेत देश के दूसरे राज्यों में फंसे बिहार के छात्रों को वापस लाने के मामले में मंगलवार को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को यह आदेश दिया है कि कोटा में फंसे सभी छात्रों की हरसंभव मदद की जाए।

केंद्र सरकार ने कोर्ट में बताया कि सुप्रीम कोर्ट में बाहर से आए मजदूरों की वापसी से संबंधित मामला सुनवाई के लिए लंबित है। इसलिए, इस मामले पर जवाब देने के लिए एक हफ्ते का वक्त चाहिए। कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया। अगली सुनवाई 5 मई को होगी। जस्टिस हेमंत कुमार श्रीवास्तव और आरके मिश्रा की खंडपीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस मामले की सुनवाई की।

इससे पहले सोमवार को बिहार सरकार ने कोर्ट में यह कहा था कि कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते बाहर के राज्यों में पढ़ रहे छात्रों को लाना संभव नहीं है। बिहार सरकार लॉकडाउन को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन कर रही है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में नीतीश ने उठाया था मुद्दा
सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोटा में फंसे छात्रों का मुद्दा उठाया था। नीतीश ने कहा था कि बिहार सरकार लॉकडाउन को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन कर रही है। जब तक लॉकडाउन के नियमों में संशोधन नहीं किया जाएगा, तब तक किसी को वापस बुलाना संभव नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा इसे लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी की जाए। बाहर फंसे छात्रों को लाने के संबंध में पूरे देश में एक नीति होनी चाहिए।

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