क्या चल रहा है?

सीबीडीटी ने 3 राजस्व अधिकारियों को नोटिस दिया, कहा- गलत तरीके से रिपोर्ट बनाई, इससे करदाताओं में डर पैदा हुआ

  • सोमवार को ऐसी खबर आई थी कि सरकार कोरोना काल में धन जुटाने के लिए ज्यादा टैक्स वसूलने की तैयारी में है
  • सीबीडीटी ने कहा था- हमने अधिकारियों से टैक्स बढ़ोतरी से जुड़ी कोई रिपोर्ट नहीं मांगी, जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी
  • 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों से 40% टैक्स लेने और 4% कोविड रिलीफ सेस लगाने की भी सिफारिश की गई थी

नई दिल्ली. कोरोना संकट के दौरान सुपर रिच करदाताओं और विदेशी कंपनियों से ज्यादा टैक्स की वसूली की सिफारिश के मामले में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 3 वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों को नोटिस दिया है। बोर्ड के मुताबिक, इन अधिकारियों ने अनधिकृत रूप से टैक्स बढ़ाने की रिपोर्ट बनाई और युवा साथियों को गुमराह किया। इससे करदाताओं के बीच डर की स्थिति बन गई। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया था कि टैक्स अधिकारियों ने कोरोना से लड़ाई में शॉर्ट और मीडियम टर्म में नकदी का इंतजाम करने के लिए यह सुझाव दिए हैं।

राजस्व अधिकारियों ने फिस्कल ऑप्शंस एंड रेस्पॉन्स टू द कोविड-19 एपेडमिक (फोर्स) नाम से एक पेपर तैयार किया है। इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) एसोसिएशन ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) के चेयरमैन पीसी मोदी को यह पेपर सौंप दिया है। इसके बाद सोमवार को सीबीडीटी ने कहा था- सोशल मीडिया पर कुछ रिपोर्ट सर्कुलेट हो रही हैं। लेकिन हमने आईआरएस एसोसिएशन से ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मांगी। अधिकारियों ने अपने विचार सार्वजनिक करने से पहले कोई अनुमति नहीं ली। यह नियमों का उल्लंघन है। इसकी जांच हो रही है।

रेवेन्यू अधिकारियों ने क्या सुझाव दिए थे

1) ईमानदार करदाताओं को ही मिले राहत
पीटीआई के अनुसार, 23 अप्रैल को सौंपे गए केवल ईमानदार और समय पर टैक्स जमा करने वाले करदाताओं को ही राहत देने की सिफारिश की गई। कोरोना से लड़ाई में राशि जुटाने के लिए हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी को 30 जून 2021 तक रोक दिया है। इस कदम से सरकार को 37 हजार करोड़ रु. की बचत का अनुमान है।

2) शॉर्ट टर्म के लिए सुपर रिच पर लगे 40 फीसदी टैक्स
रिपोर्ट के मुताबिक, 50 राजस्व अधिकारियों की ओर से तैयार इस पेपर में शॉर्ट टर्म (3 से 6 महीने) के लिए सुपर रिच स्लैब (1 करोड़ रुपए से ज्यादा आय) को मौजूदा 30 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी करने का सुझाव दिया गया है। यानी सालाना 1 करोड़ या इससे ज्यादा की कमाई वालों पर 30 फीसदी की बजाए 40 फीसदी टैक्स लगाया जाए। इसके अलावा 5 करोड़ या इससे ज्यादा की कमाई वालों के लिए वेल्थ टेक्स को फिर से लगाया जाए। पेपर में कहा गया है कि 2021 के बजट में सुपर रिच पर लगाए गए सरचार्ज से मात्र 2700 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने का अनुमान है।

3) अल्ट्रा रिच के लिए दो विकल्प सुझाए
अधिकारियों के ग्रुप ने अल्ट्रा-रिच पर एक तय समयसीमा में टैक्स लगाने के दो विकल्प सुझाए। पहला- सालाना 1 करोड़ से ज्यादा आय वालों के लिए अधिकतम कर के स्लैब को मौजूदा 30 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया जाए। दूसरा- जिनकी नेट वेल्थ 5 करोड़ रुपए या इससे ऊपर है, उन पर वेल्थ टैक्स फिर से लगाया जाए। ग्रुप ने मीडियम टर्म (9 से 12 माह) में ज्यादा राजस्व जुटाने के लिए देश में कारोबार कर रही विदेशी कंपनियों पर सरचार्ज बढ़ाने का सुझाव दिया है। मौजूदा समय में विदेशी कंपनियों पर 1 से 10 करोड़ पर 2 फीसदी और 10 करोड़ से ज्यादा की कमाई पर 5 फीसदी टैक्स लगता है।

4) 4 फीसदी ‘कोविड रिलीफ सेस’ लगाने की सिफारिश
राजस्व अधिकारियों के ग्रुप ने अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए कोविड-19 सेस लगाने की सिफारिश की है। पेपर के अनुसार अधिकारियों के ग्रुप ने 4 फीसदी की दर से वन टाइम ‘कोविड रिलीफ सेस’ लगाने की सिफारिश की है। पेपर में आरंभिक अनुमान जताया गया है कि इस सेस से सरकारी खजाने में करीब 15 से 18 हजार करोड़ रुपए जमा होंगे।

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