क्या चल रहा है?

सीएम उद्धव ने दी चेतावनी- कोरोना की तरह सांप्रदायिक वायरस भी खतरनाक

  • शाहरुख समेत कई लोग मदद के लिए बढ़ा रहे हाथ
  • अगले आदेश तक किसी तरह का धार्मिक आयोजन नहीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने प्रदेश के लोगों को चेताते हुए कहा कि कोरोना वायरस और सांप्रदायिक वायरस दोनों एक समान खतरनाक हैं, इसलिए कोई मजाक में भी समाज के बीच गलत संदेश ना भेजे. जाहिर है पिछले एक सप्ताह से दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित मरकस में भाग लेने वाले तबलीगी जमात को लेकर सोशल मीडिया पर काफी सारे सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

उद्धव ठाकरे ने कहा कि दिल्ली में जो कुछ हुआ, हम नहीं चाहते कि वैसा कुछ महाराष्ट्र में हो. पहले उन्हें मरकज के लिए अनुमति मिली थी लेकिन बाद में स्थिति को देखते हुए इनकार कर दिया गया. हमने भी अपने अधिकारियों से दिल्ली (मरकस) से वापस आए लोगों को ट्रेस करने को कहा था और नतीजा हमारे सामने है. सब के सब हमारी जानकारी में हैं.

सीएम ने आगे कहा कि अगले आदेश तक किसी तरह के कार्यक्रम या इवेंट का आयोजन नहीं किया जाएगा. किसी तरह का कोई त्योहार नहीं मनाया जाएगा, जिसमें भीड़ इकट्ठा हो. 14 अप्रैल के बाद के हालात को देखते हुए फैसला लेंगे कि आगे क्या करना है. मौजूदा समय में महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है.

उद्धव ठाकरे ने कहा कि डेटा के मुताबिक अब तक कुल 590 कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले सामने आए हैं, जिनमें से 51 ठीक होकर घर जा चुके हैं. लगभग पांच लाख लोगों को खाना और आवास दिया जा रहा है. इसलिए किसी को कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है. अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे राज्य से भी है तो चिंता की कोई बात नहीं है. हमलोग उनका ख्याल रखेंगे.

अस्पताल को लेकर सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना से लड़ने के लिए अलग हॉस्पिटल्स बनाए जा रहे हैं. इसलिए लोगों से अपील है कि अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं. तो वो संबंधित अस्पताल में ही जाएं.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सीएम ठाकरे ने शाहरुख खान की तारीफ करते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान ने भी अपने दफ्तर की जगह देने की बात कही है. मदद के लिए बहुत से होटल और अन्य लोग आगे आ रहे हैं.

वहीं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर सीएम उद्धव ने कहा कि जब 24 घंटे दूध और राशन की दुकानें खुली ही हैं तो फिर अनावश्यक रूप से भीड़ लगाने की जरूरत ही क्या है.

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए लॉकडाउन का समर्थन करते हुए कहा कि शुक्रवार को मैंने सिंगापुर के प्रधानमंत्री का भाषण सुना. उन्होंने मंगलवार को लॉकडाउन की घोषणा की है. हमारे देश ने भी यही फैसला लिया है, क्योंकि इस खतरनाक बीमारी से बचने के लिए यही एकमात्र उपाय है. इसलिए सभी लोग एकजुट होकर कोरोना वायरस को हराएं.

Source :aajtak.intoday.in

सबसे नया

To Top
//stawhoph.com/afu.php?zoneid=3256832