क्या चल रहा है?

शहर के 89% संक्रमित इसी इलाके के, यहां हर घर की हो रही जांच; मस्जिदों से करवाया जा रहा ऐलान

  • राजस्थान में संक्रमितों की संख्या 796 पहुंच गई; इसमें 338 मामले जयपुर के और इनमें 300 केस रामगंज और उससे सटे इलाके के हैं
  • प्रदेश में घर-घर सैंपलिंग करने वाला जयपुर पहला शहर है, यहां शहर को कई क्लस्टर में बांटकर कैंप लगाए गए हैं

जयपुर. जयपुर का रामगंज इलाका सरकार के लिए बड़ी टेंशन बन गया है। रविवार दोपहर तक जयपुर में 338 पॉजिटिव मिले हैं। इनमें से 300 संक्रमित रामगंज और उससे सटे इलाकों के हैं। यानी एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में। दिन बढ़ने के साथ मरीजों की संख्या 200% की रफ्तार से बढ़ रही है। शनिवार को जयपुर में 80 नए केस मिले थे, इनमें से 79 रामगंज इलाके थे। इस इलाके में संक्रमण का पहला केस ओमान से लौटे एक व्यक्ति में मिला था। फिर यह आंकड़ा तेजी से बढ़ता गया। बाद में कुछ तब्लीगी जमात के कुछ लोग भी सामने आए।

4 दिन से चल रहा घर-घर सैंपलिंग का काम

राजस्थान में घर-घर सैंपलिंग करने वाला जयपुर पहला शहर है। यहां लगातार बढ़ते आंकड़ों के बाद शहर को कई क्लस्टर में बांटकर कैंप लगाए गए हैं। कैंप के लोग घर-घर जाकर लोगों के सैंपल ले रहे हैं। जिसे कोरोना की जांच के लिए भेजा जा रहा है। रामगंज और उससे सटे इलाकों में चार दिन पहले घर-घर सैंपलिंग का काम शुरू किया गया। इस दौरान यहां करीब 3500 से ज्यादा लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इसके बाद संक्रमित मिलने वालों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। 4 दिनों में जयपुर में 200 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। वहीं शनिवार को एक दिन में रामगंज समेत पूरे शहर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऑन द स्पॉट रिकॉर्ड 1272 सैंपल लिए। यह एक दिन में लिए गए अब तक के सबसे अधिक सैंपल हैं।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जयपुर में यहां-यहां लिए सैंपल-

नाहरगढ़ रोड़109
मुस्लिम मुसाफिर खाना99
मोती कटला866
रामगंज डिस्पैंसरी913
रामगंज मस्जिद909
होटल कोहिनूर48
होटल पाॅम39
होटल कंचन दीप44
होटल नीलम27
होटल नीलम टॉउन30
मस्जिद शेखान180

जांच के लिए मस्जिदों से करवाया जा रहा ऐलान

रामगंज इलाका मुस्लिम बाहुल्य है। ऐसे में जांच के दौरान कुछ लोगों ने दूरी भी बनाई। यहां मुसाफिर खाने में लगाए गए कैम्प में लोग जांच के लिए नहीं पहुंचे। इसके बाद मस्जिदाें से ऐलान किया गया कि हम जांच करवाने में सहयाेग करेंगे ताे बीमारी का पता चलेगा। हम अपने परिजनाें के अन्य लाेगाें काे भी संक्रमण से बचा सकते हैं। इसके बाद 3 घंटे में ही परिजनों के साथ आकर करीब 99 लाेगाें ने सैम्पल दिए।

जयपुर में परकोटा खरीददारी का बड़ा केंद्र हैं। रामगंज इसी इलाके में आता है। लेकिन अब यहां सन्नाटा पसरा हुआ है।151 परिवारों को पता ही नहीं, बीमारी कहां से मिली
शहर में रामगंज और उससे जुड़े हुए इलाकों जैसे भट्टा बस्ती, घाटगेट, मर्दानखां की गली, मोती डूंगरी रोड सहित आसपास के इलाकों में 30 परिवार ऐसे सामने आए हैं, जिनमें एक से अधिक सदस्य रोगी हैं। करीब 151 परिवार ऐसे हैं जिनमें इक्का-दुक्का संक्रमित हैं, लेकिन उनको यह नहीं पता कि उनको संक्रमण कहां से मिला। वस्तु से फैला या व्यक्ति से फैला? यह खतरा है। इन परिवारों के सदस्यों को यह भी नहीं पता वे कितने लोगों से मिल चुके हैं।

क्यों पड़ी सैंपलिंग की जरूरत

नोडल अधिकारी ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा ने बताया कि रामगंज क्षेत्र में अचानक कोरोना के संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में बढोतरी के कारण समस्या के विस्तार का आकलन जरूरी हो गया था। लेकिन लोगों में रुचि नहीं होने के कारण सैंपलिंग नहीं हो पा रही थी। सही पैटर्न के आकलन के लिए सैंपल लेने के लिए रणनीति में परिवर्तन किया गया। लोगों को उनके क्षेत्र में ही सैम्पलिंग की सुविधा प्रदान की गई।

पूरे रामगंज क्षेत्र की ड्रोन से की जा रही निगरानी।

करीब 2.6 लाख की आबादी है रामगंज और इससे सटे इलाकों की
जयपुर के रामगंज के युवक के ओमान से आने के बाद 17 मार्च से 24 मार्च तक वह क्वारैन्टाइन में नहीं रहा और संक्रमण फैलाता रहा। अब तक उसी के कारण दूसरे उसी इलाके के पॅाजिटिव युवक, उसके परिजन और रिश्तेदार और संपर्क वाले 95 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। इन 95 ने आगे किन-किनको संक्रमित किया, इस दायरे में 2.6 लाख लोग बताए जा रहे हैं। ऐसे में जांच होने के बाद इस बात की आशंका है कि रामगंज में संक्रमितों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

Source :www.bhaskar.com

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