काल चक्र

लॉकडाउन से बेहाल रैम्बो सर्कस, स्टाफ-जानवरों की मदद के लिए आगे आई क्राउडफंडिंग साइट

  • कोरोना वायरस के कारण कई गतिविधियों पर लगा है ब्रेक
  • रैम्बो सर्कस की मदद के लिए आगे आई क्राउडफंडिंग साइट

कोरोना संकट के कारण पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू है. जिसके कारण देश में होने वाली कई गतिविधियों पर ब्रेक लगा हुआ है. इस दौरान देश के सबसे बड़े सर्कस में से एक रैम्बो सर्कस को भी बंद करा दिया गया था. जिसके बाद अब सर्कस के लिए क्राउडफंडिंग साइट मदद के लिए आगे आई है.

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कोरोना वायरस के कारण रैम्बो सर्कस को बुरे दौर से गुजरना पड़ रहा है. देश में गिने चुने ही सर्कस बचे हैं, उनमें रैम्बो सर्कस अभी तक अपने वजूद को किसी तरह वर्षों से बचाए चला आ रहा है. हालांकि लॉकडाउन के कारण सर्कस के कर्मचारियों और जानवरों के लिए न तो फंड बचा और न ही राशन बचा. आजतक ने भी इस खबर को प्रमुखता से उठाया था. जिसके बाद क्राउडफंडिंग साइट मदद के लिए आगे आई है.

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rambo_040820125032.jpgरैम्बो सर्कस

कोरोना वायरस के इस संकट की मुश्किल घड़ी में जरूरतमंदों के लिए मदद के हाथ भी आगे आ रहे हैं. ऐसे में नवी मुंबई के एरोली में देश के सबसे पुराने सर्कस में से एक रैम्बो सर्कस की लॉकडाउन की वजह से बेहाली के बाद दुनिया की सर्वेश्रेष्ठ क्राउडफंडिंग वेबसाइट्स में से एक Ketto.Org ने हाथ बढ़ाया है.

सर्कस के 90 लोगों के स्टाफ और 21 जानवरों को फंड और राशन खत्म हो जाने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खाने के लिए भी उन्हें स्थानीय लोगों और प्रशासन की सहायता पर निर्भर रहना पड रहा है. अब Ketto.org ने रैम्बो सर्कस के स्टाफ और जानवरों की मदद के लिए फंड इकट्ठा करने को ऑनलाइन कैम्पेन शुरू किया है.

यह भी पढ़ें: कोरोना: लॉकडाउन से रैम्बो सर्कस बेहाल, न फंड बचा न राशन

रैम्बो सर्कस 6 मार्च को नवी मुंबई के एरोली में आया था. लेकिन कोरोना वायरस खतरे को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग अमल में लाने के लिए 13 मार्च को सर्कस को शो बंद करने के लिए कहा गया. सर्कस का राशन और खाने का स्टॉक 10 दिन पहले खत्म हो गया. सर्कस के स्टाफ ने फिर सरकार से उनके लिए कुछ करने की अपील की थी.

 

Source :aajtak.intoday.in

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