काल चक्र

लॉकडाउन से बिगड़े हालात, बंजारों के समाने खड़ा हुआ बड़ा संकट

  • लॉकडाउन में फंसने पर बिगड़े हालात
  • SDM ने बांटा खाने पीने का राशन

कोरोना वायरस का असर पूरे देश में अलग-अलग तरीके से दिखने लगा है. बड़ी संख्या में लोग इसका शिकार हो रहे हैं. लोगों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत खाने-पीने की है. तो कहीं पर लोगों के सामने नौकरियों का संकट भी खड़ा हो गया है. देश की अर्थव्यवस्था नीचे गिरती जा रही है. क्या बड़ा, क्या छोटा, कोरोना के प्रकोप से कोई नहीं बच पा रहा है. बिहार के सीतामढ़ी के पास एक छोटा सा हुसैना गांव है, जहां पर आदिवासी समुदायों के लोग अपना जीवन बसर करते हैं. अब इनके सामने भी रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है.

कोरोना का प्रकोप, खाने पीने के पड़े लाले

खानाबदोश जिंदगी जीने वाला यह तबका पूरी तरह बदहाल हो चुका है, इनके सामने एक साथ कई संकट खड़े हो गए हैं. ये लोग अपने परिवार के भरण पोषण के लिए छोटे-मोटे काम करते रहे हैं. करतब दिखाना, घरों में जाकर मालिश करना या फिर मांगकर खाना खाना. अब देश में 21 दिनों का लॉकडाउन हो चुका है. ऐसे में इनके सामने खाने और अपने परिवार को पालने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. इनकी मुश्किलें इस कदर बढ़ गई हैं कि इनके सामने भूखे रहने तक की नौबत तक आ गई है.

जिला प्रशासन कर रहा है मदद

जब इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई तब सीतामढ़ी के एसडीएम कुमार गौरव और कार्यपालक पदाधिकारी दीपक झा एक ट्रैक्टर चावल दाल की राहत सामग्री लेकर इन लोगों के पास पहुंचे. तब जाकर इन गरीब बंजारों ने राहत की सांस ली. राहत की सामग्री पाकर ये लोग खुश तो हुए लेकिन इनकी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं. क्योंकि लॉकडाउन की वजह से ये लोग अपने घर से निकल नहीं पा रहे हैं. फिलहाल इनके पास एक पैसा तक नहीं है.

सरकार ने दिया हर संभव मदद का भरोसा

जिला एसडीएम कुमार गौरव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इन लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. प्रशासन आगे भी इनके खाने पीने की व्यवस्ता करता रहेगा. इसके अलावा कई सामाजिक संगठन भी इनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं.

Source :aajtak.intoday.in

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