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लॉकडाउन से गुजरात में फंसे नूंह के 21 बच्चे घर पहुंचे, जांच के बाद किए होम क्वारेंटाइन

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फिरोजपुर झिरका. बीते 25 मार्च को रेल रद्द होने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गांव वडनगर जवाहर नवोदय विद्यालय गुजरात में फंसे 21 छात्रों को मंगलवार के दिन हरियाणा परिवहन निगम की बस मेहसाणा जिले से लेकर नूंह पहुंच गई। उन्हें बस स्टैंड पर लेने के लिए नूंह के एसडीएम व उप तहसीलदार अकी मोहम्मद मौजूद थे। इस दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय बाई के प्राचार्य सुरेश चंद व जजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष जान मोहम्मद अटेरना भी पहुंचे। नोडल अधिकारी की निगरानी में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई और 28 दिन के लिए घरों में क्वारेंटाइन कर अभिभावकों को सौंपा। इनमें 9 छात्राएं व 12 छात्र शामिल हैं। 21 गांवों में चिकित्सकों की टीम क्वारेंटाइन की हिदायतें देने पहुंची।
अभिभावक राजुद्दीन मेव ने बताया कि बच्चे प्रवास नीति के अंतर्गत नूंह और गुजरात में 9वीं कक्षा के दौरान एक वर्ष के लिए आते-जाते हैं। जबकि गुजरात वडनगर स्कूल के बच्चे 24 मार्च को बाई जवाहर नवोदय विद्यालय ने रेल में बिठाकर रवाना कर दिए थे। 25 मार्च को रेल सेवा रद्द होने के कारण नूंह जिले के बच्चे गुजरात के वडनगर जवाहर नवोदय विद्यालय में फंस कर रह गए। तभी से ही उन्हें सकुशल वापस लाने और कोरोना वायरस से बचाने के लिए दोनों सरकारों के बीच वार्तालाप और पत्राचार हो रहा था। इस कड़ी में 14 अप्रैल को मेहसाणा के डीसी ने नूंह के डीसी को पत्र लिखकर बच्चों को बुलाने का आग्रह किया था। जवाब में डीसी नूंह ने गृह मंत्रालय की सीमा सील रखने की गाइडलाइन का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए थे। इसके बाद गुड़गांव सांसद एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मेहसाणा की सांसद से बातचीत की और बीच का रास्ता निकालते हुए प्रक्रिया शुरू कर दी। वहीं 24 अप्रैल को नूंह डीसी ने मेहसाणा के डीसी को पत्र लिखकर हरियाणा रोडवेज बस के साथ दो चालक और दो कांस्टेबल भेजे।
केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत ने महसाणा की सांसद से बातचीत कर बच्चों को भेजने का रास्ता निकाला

गुजरात से बच्चों को लेकर चली बस मंगलवार सुबह 5 बजे नूंह जिले के सामान्य बस स्टैंड पहुंची। जिसमें वडनगर के शिक्षक राजकुमार व शिक्षिका अंजू शर्मा भी देख-रेख के लिए साथ आई थीं। नायब तहसीलदार अकी मोहम्मद की निगरानी में बस से बच्चों को उतारकर नूंह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चेकअप कराया और जांच के बाद अभिभावकों को बच्चे सौंप दिए गए।

क्या कहते हैं गुजरात से आए छात्र
छात्रा सामियान व मुस्कान ने कहा कि वडनगर स्कूल के शिक्षकों व प्रबंधन ने पूरा साथ दिया। बच्चों ने बताया कि उनका वहां मन नहीं लग रहा था। सब कुछ बंद था और घर की याद आ रही थी। हालांकि वहां हमें रहने व खाने की कोई दिक्कत नहीं थी। एसडीएम प्रदीप अहलावत ने बताया कि 9 छात्राओं और 12 छात्रों को जवाहर नवोदय विद्यालय बाई के प्राचार्य की मौजूदगी में अभिभावकों सौंपा गया है। इन्हें 28 दिन तक घरों में ही क्वारेंटाइन का पालन करने की हिदायत दी गई है।

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