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लॉकडाउन में फंसकर तावडू शेल्टर हाउस में रह रहे 43 प्रवासियों को प्रदेश सरकार ने घर भेजा

  • शहर के एक स्कूल में रह रहे 19 प्रवासी बुलंद शहर व 12-12 प्रवासी बागपत और मथुरा के थे

तावडू. लॉकडाउन में फंसने के चलते शहर के राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बने शेल्टर हाऊस में रह रहे 77 प्रवासियों में से यूपी के 43 प्रवासियों को सरकार ने रविवार को उनके गांव भेज दिया। जिनमें 19 प्रवासी बुलंद शहर व 12-12 प्रवासी बागपत और मथुरा के हैं। इनके लिए राज्य सरकार ने 3 बसों की व्यवस्था की थी। जिसको लेकर इन प्रवासियों ने खुशी जाहिर की। वहीं बाकी राज्यों के रह रहे प्रवासियों में भी जल्द ही अपने घर पहुंचने की उम्मीद जगी है। कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश को 24 मार्च से 21 दिन का लॉकडाउन कर दिया था। जिसके दो तीन दिन बाद ही यूपी, एमपी और राजस्थान आदि राज्यों के लोग पैदल ही अपने गंतव्य के लिए चल दिए थे।

जिस पर प्रशासन ने इन लोगों को रोकने के लिए शहर के राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शेल्टर हाऊस बनाया। जिसमें 31 मार्च से 77 प्रवासी रह रहे थे। जिनका खाना पीना सहित अन्य सभी सुविधा सरकार ने की थी। लेकिन जैसे ही देश के प्रधानमंत्री ने दोबारा देश में लॉकडाउन को 3 मई तक बढाने की घोषणा की तो तभी से शेल्टर हाऊस में रह रहे प्रवासियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से घर पहुंचाने की अपील करने लगे थे। तावडू नायब तहसीलदार महेन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार ने शेल्टर हाऊस में रह रहे उत्तर प्रदेश के 43 प्रवासियों को उनके गांव भेजा। जिनमें 29 पुरूष, 7 महिलाएं, 5 लड़के व 2 लड़कियां हैं। अब शेल्टर हाऊस में 34 प्रवासी रह रहे हैं। जिनमें 3 राजस्थान व 31 एमपी के है। जिनको भेजने के बारे में उन्होंने कहा कि जब सरकार का आदेश होगा, तो इनको भी भिजवा दिया जाएगा।

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