क्या चल रहा है?

लॉकडाउन में खाना वितरण केंद्रों में टाइम के पहले खत्म हो रहा सामान

  • केंद्रों पर सुबह से ही लग जाती है कतार, केंद्र संचालकों ने माना, तीन-चार दिनों में बढ़ी है भीड़
  • 8 अप्रैल के मुकाबले 13 अप्रैल को 66 हजार अधिक लोगों ने किया लंच

दिल्ली. (अखिलेश कुमार) दिल्ली में लॉकडाउन को 22 दिन हो गए। केंद्र ने बेशक 25 मार्च से लॉकडाउन घोषित किया था लेकिन दिल्ली सरकार ने 23 मार्च से लॉकडाउन घोषित कर दिया था। राशन वितरण के अलावा खाना केंद्रों की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ाकर 1617 कर दी गई। लेकिन दिल्ली में लॉकडाउन में बंद काम धंधे के कारण भूख भी बढ़ी है। इसकी गवाही ना सिर्फ आंकड़े बल्कि खाना वितरण केंद्रों के बाहर लगने वाली लंबी कतारें भी दे रही हैं। 8 अप्रैल के मुकाबले 13 अप्रैल को 66 हजार अधिक लोगों ने कतार में खड़े होकर इन केंद्रों से लंच लिया।

डिनर की बात करें तो 8 अप्रैल के मुकाबले 12 अप्रैल को 42 हजार लोग बढ़े।ऐसे में भास्कर ने बाबरपुर, न्यू जाफराबाद, जनता कालोनी, यमुना विहार और घौंडा के सरकार स्कूल की ग्राउंड रिपोर्ट जानी। यहां केंद्र संचालकों ने स्वीकार किया कि तीन-चार दिन में खाना लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कतार में खड़े लोगों ने स्वीकारा कि घर में पैसे और अनाज दोनों खत्म हो रहे हैं इसलिए केंद्रों से खाना ले रहे हैं।

बादली गांव 11:30 बजे – खाना लेने के लिए कतार में लोग खड़े थे। धूप तेज थी तो लोगों ने अपना थैला और बर्तन की लाइन लगा दी थी। यहां खाना लेने के लिए पहुंचे मनीष, योगेश व कुछ अन्य लोगों ने बताया कि सुबह जल्दी लाइन में लग जाते हैं तो खाना मिल जाता है। खाना 12 बजे बंटना शुरू होता है। यहां 1200 लोगों का खाना आता है, ऐसे में खाना मिलने की गारंटी नहीं रहती। कई बार वापस भी लौटना पड़ता है।

यमुना विहार 12:30 से 1 बजे- स्कूल के बाहर खाना लेने के लिए आने वालों की लंबी कतार थी। खाना वितरण चल रहा था जिसमें सिविल डिफेंस के वालिंटियर्स लगे थे। चावल और दाल मिल रही थी जिसमें दाल की मात्रा कम थी। एक मजदूर स्टील का टिफिन लेकर आया था जिसमें बताया कि चावल तो दो टिफिन भर गया है लेकिन दाल एक टिफिन भी नहीं भरा। कम होने के कारण सूखा-सूखा खाना पड़ता है।

फैक्ट फाइल

  • 8 अप्रैल: 7.90 लाख ने लंच और 8.06 लाख लोगों ने डिनर किया।
  • 11 अप्रैल: 8.32 लाख लोगों ने लंच और 8.37 लाख लोगों ने डिनर किया।
  • 12 अप्रैल: 8.48 लाख लोगों ने लंच और 8.56 लाख लोगों ने डिनर किया।
  • 13 अप्रैल: दोपहर को 8.56 लाख लोगों ने लंच किया।

घोंडा 1:20 से 1.45 बजे – घोंडा के इस राजकीय विद्यालय के मेन गेट के बाहर से लेकर ग्राउंड तक धूप के बावजूद लंबी कतार लगी हुई थी। स्कूल के एस्टेट मैनेजर ने बताया कि 800 लोगों का खाना अाज आया है। लगातार भीड़ बढ़ रही है। यहां हरदोई के रहने वाले सर्वेश ने बताया कि घर में अनाज खत्म हो गया है इसलिए दस दिन से यही खाना खा रहा है। वह फैक्ट्री में काम करता है।

Source :www.bhaskar.com

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