क्या चल रहा है?

लॉकडाउन: पहली बार लग रहीं ऑनलाइन क्लास, जानिए बच्चे कैसा फील कर रहे

  • लॉकडाउन के बीच ऑनलाइन क्लास अटेंड कर रहे बच्चे
  • जानिए- क्या है अभ‍िभावकों और स्टूडेंट्स की प्रतिक्र‍िया
  • कैसे बच्चों तक नोट्स पहुंचा रहे स्कूल, आ रही ये दिक्कतें

कोविड -19 लॉकडाउन के बीच शिक्षा के प्रवाह को जस का तस बनाए रखने के लिए मोदी सरकार ने सभी स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का निर्देश दिया है. ज्यादातर स्कूलों ने इसे शुरू भी कर दिया है. टीचर ऑनलाइन माध्यम से बच्चों की क्लास ले रहे हैं. इसके लिए Microsoft टीम, जूम ऐप, YouTube ट्यूटोरियल और वॉट्सएप जैसे तकनीकी ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है. जिससे नोट्स भी बच्चों तक पहुंचाए जा रहे हैं.

इंडिया टुडे की एजुकेशन टीम ने ऐसे ही कुछ छात्रों से यह जानने की कोश‍िश की कि ऑनलाइन कक्षाएं कैसे काम कर रही हैं. आप भी जानें स्टूडेंट्स और उनके अभ‍िभावकों के ये अनुभव.

ऐसे चल रही हैं क्लासेस:

छात्र हर दिन चार कक्षाएं ले रहे हैं और हर कक्षा 30 से 40 मिनट की है. ये आभासी कक्षाएं सुबह 9 बजे शुरू होती हैं और रात 12:30 बजे समाप्त होती हैं.

कक्षा 4 के एक छात्र यक्ष ने बताया कि पहले टीचर हमें जूम ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं, फिर हमें आईडी और पासवर्ड के साथ लॉग इन करना होगा और फिर हम कक्षा में शामिल हो सकते हैं. मैं इन ऑनलाइन कक्षाओं का आनंद ले रहा हूं, क्योंकि मैं वीडियो देख सकता हूं और शिक्षक कक्षा में सब कुछ समझा रहे हैं. कक्षा 12 के अनुराग गोश ने बताया कि वो भी जूम ऐप के माध्यम से लॉगिन करके कक्षाएं अटेंड कर रहे हैं.

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ऑनलाइन कक्षाएं: छात्रों की प्रतिक्रिया

कक्षा 5 के छात्र डिम्पी सिंह ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाएं हमें व्यस्त रखती हैं और टीचर भी हमें असाइनमेंट करने के लिए देते हैं, जिससे पूरा दिन बिजी रहते हैं.

छात्र ऑनलाइन कक्षाओं के बारे में बहुत उत्साहित भी हैं क्योंकि वे इसके जरिये अपने दोस्तों से मिल पा रहे हैं, और वे उनसे रोजाना बात कर सकते हैं. 12वीं के छात्र अनुराग ने यह भी कहा कि मुझे ऑनलाइन कक्षाएं अधिक पसंद हैं. टीचर हमें सिखाने के लिए पीपीटी का उपयोग करते हैं, जो विषय को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है.

छात्रा समैरा मिश्रा ने कहा, जब कक्षाएं नहीं शुरू हुई थीं, तब मैं दुखी थी क्योंकि मैं अपने दोस्तों से मिलने और उनसे बात नहीं कर पाती थी. लेकिन अब मैं खुश हूं क्योंकि मैं हर दिन उनसे मिल सकती हूं. न केवल छात्र बल्कि अभिभावक भी इससे बहुत खुश हैं क्योंकि अब छात्र अधिक अनुशासित हैं और अपना सारा समय टीवी के सामने नहीं बिताते हैं.

पल्लवी मिश्रा के दोनों बच्चे ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होते हैं. पल्लवी कहती हैं कि इससे बच्चे अनुशासित हो गए हैं, साथ ही वो पढ़ाई भी कर रहे हैं. सुबह क्लास होती है इसलिए वो जल्दी उठते हैं और स्कूल रूटीन की तरह काम करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अब वे टीवी के सामने बहुत समय नहीं बिताते हैं. बच्चे अपना क्लासवर्क और होमवर्क प्रतिदिन पूरा करते हैं.

ऑनलाइन कक्षाएं: आ रही हैं ये समस्याएं

जब हम छात्रों से बात कर रहे थे, तो उनमें से अधिकांश ने कहा कि इंटरनेट कनेक्टिविटी की थोड़ी समस्या है. साथ ही, छात्रों में से एक रुद्रांश मिश्रा ने कहा कि कक्षाएं अच्छी हैं, लेकिन कभी-कभी उन्हें अपना सवाल पूछने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता है. इससे डाउट क्लीयर करने में प्रॉब्लम होती है.

ऑनलाइन कक्षाएं: बुनियादी ढांचे और इंटरनेट कनेक्शन की कमी

हम सभी जानते हैं कि आभासी कक्षाएं इंटरनेट और बुनियादी ढांचे पर बहुत निर्भर हैं और यह एक ऐसी समस्या है जिसका अधिकांश छात्र सामना कर रहे हैं. डिंपी सिंह के पिता वरुण कुमार ने कहा कि ये उन सभी छात्रों के लिए बहुत उपयोगी है, जिनके पास जरूरतमंद बुनियादी सुविधाओं और इंटरनेट कनेक्शन की पहुंच है.

Source :aajtak.intoday.in

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