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लॉकडाउन के दौरान गश्त कर वापस लौट रहे पुलिसकर्मियों की नाव पलटी; एक ने तैरकर बचायी जान, 3 डूबे

  • शनिवार देर शाम तेज हवा की वजह से नाव पलट गयी, एक सिपाही तैरकर बाहर गया
  • नाव में कुल चार लोग सवार थे, एक दरोगा व सिपाही और नाविक यमुना नदी में डूबे

फतेहपुर. उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां लॉकडाउन में गश्त पर निकले पुलिस कर्मियों की नाव शनिवार की शाम करीब साढ़े छह बजे तेज हवा के झोंकों के बीच यमुना नदी में पलट गई। नाव पर कुल चार लोग सवार थे। एक सिपाही जैसे-तैसे बाहर निकल पाया। एक दरोगा, सिपाही व नाविक डूब गए हैं। पुलिस ने जाल डलवाकर गोताखोरों के मदद से खोजबीन शुरू कराई। आखिरकार 14 घंटे के रेस्क्यू के बाद तीनों के शव निकाल लिए गए।

डीएम संजीव सिंह, एसपी प्रशांत वर्मा समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। रात तक तलाशने का कार्य जारी रहा। किशनपुर थाने में तैनात दरोगा रामजीत सोनकर (52), सिपाही शशिकांत (25) व सिपाही निर्मल यादव लॉकडाउन में शाम करीब साढ़े चार बजे गश्त पर रवाना हुए थे। यमुना किनारे के लोहंगपुर घाट से नाविक रवि (27) को बुलाया गया। सभी लोग नाव से बांदा सीमा तक जाकर लौट रहे थे।

तेज हवा चलने से नाव पलट गयी 

यमुना नदी की सीमा पर लखनपुर जोरावरपुर गांव के पास शाम करीब साढ़े छह बजे तेज हवा चलने से नाव पलट गई। सिपाही निर्मल करीब चार सौ मीटर जैसे-तैसे तैरकर लोहंगपुर घाट पर पहुंचा। वह थोड़ी देर के लिए अचेत हो गया। हादसा देखकर आसपास मौजूद नाविक और ग्रामीण दूसरी नाव से नदी में तलाश शुरू की।

एसओ आरके यादव ने नदी में जाल डालकर खोजबीन शुरू कराई। सिपाही शशिकांत गाजीपुर जिले के कासमाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। दरोगा रामजीत सोनकर मूल रूप से जौनपुर जिले के हैं। वह प्रयागराज में परिवार के साथ रहते हैं। नाविक रवि बिहार का रहने वाला है। वह एक मछली ठेकेदार के यहां काम करता है।

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