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रोहित ने पूछा, नई-पुरानी टीम में क्या है फर्क, युवराज ने खोल दी ‘सच्चाई’

पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने कहा है कि मौजूदा भारतीय टीम में तीनों प्रारूपों में खेलने वाले विराट कोहली और रोहित शर्मा को छोड़ कोई ज्यादा रोल मॉडल नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि अब सीनियर्स का युवा खिलाड़ी ज्यादा सम्मान नहीं करते. युवराज ने ये बातें रोहित से इंस्टाग्राम लाइव पर कहीं. युवराज से मौजूदा टीम और उनके समय की टीम में अंतर के बारे में पूछा गया था.

भारत में इन दिनों ‘लॉकडाउन’ जारी है. फिलहाल सभी खिलाड़ी अपने घरों में हैं. हिटमैन रोहित शर्मा ने इससे पहले युजवेंद्र चहल और जसप्रीत बुमराह के साथ भी इंस्टाग्राम पर बातचीत की थी. इसी कड़ी में मंगलवार को रोहित ने अपने पुराने साथी युवराज के साथ बात की.

…हमारे सीनियर काफी अनुशासित थे

रोहित ने जब युवराज से पूछा कि टी-20 वर्ल्ड कप 2007 और वनडे वर्ल्ड कप 2011 जीतने वाली टीम और मौजूदा टीम में क्या फर्क है तो युवराज ने कहा, ‘जब मैं या तुम टीम में आए तो हमारे सीनियर काफी अनुशासित थे, उस समय सोशल मीडिया नहीं था और ध्यान नहीं भटकता था. सभी को आचरण का खास ख्याल रखना पड़ता था.’

युवराज ने कहा, ‘हम अपने सीनियर खिलाड़ियों की तरफ देखते थे कि वो मीडिया में किस तरह से बातें कर रहे हैं और बाकी सब. वह आगे से नेतृत्व करते थे. यही हमने उनसे सीखा और आप लोगों को भी बताया.’

…अब टीम में उतने रोल मॉडल नहीं

उन्होंने कहा, ‘लेकिन अब ऐसा नहीं है. मैं आप सभी से कहना चाहता हूं कि भारत के लिए खेलते समय अपनी छवि का खास ख्याल रखें. टीम में विराट और तुम ही सारे फॉर्मेट खेल रहे हो, बाकी सब आते-जाते रहते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘अब टीम में उतने रोल मॉडल नहीं है. सीनियर्स के प्रति सम्मान भी कम हो गया है, कोई भी किसी को कुछ भी कह देता है.’

‘कॉफी विद करण’ शो पर भी बोले

युवराज ने हार्दिक पंड्या और केएल राहुल के ‘कॉफी विद करण’ शो पर हुए विवाद का हवाला देते हुए कहा, ‘राहुल और हार्दिक का मामला ले लीजिए. हम सोच नहीं सकते थे कि ऐसा होगा. यह उनकी भी गलती नहीं है. आईपीएल के अनुबंध भी काफी लंबे होते हैं. खिलाड़ी भारत के लिए नहीं खेलते तब भी काफी पैसा आता है.’

…दूसरी पीढ़ी टेस्ट मैच खेलना नहीं चाहती

युवराज ने कहा, ‘आपको मार्गदर्शन के लिए सीनियर चाहिए होते हैं. सचिन ने हमेशा मुझसे कहा कि अगर आप मैदान पर अच्छा करोगे, तो सब कुछ सही होगा. मैं एनसीए में था और देखा खिलाड़ी टेस्ट मैच नहीं खेलना चाहते. दूसरी पीढ़ी टेस्ट मैच खेलना नहीं चाहती यही क्रिकेटरों का असली टेस्ट है.’

इस धुरंधर ऑलराउंडर ने 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी थी. युवराज भारत की दो वर्ल्ड चैम्पियन (2007 में वर्ल्ड टी20 और 2011 में वर्ल्ड कप) टीमों का हिस्सा रहे और दोनों ही टूर्नामेंट्स में उन्होंने अपने प्रदर्शन से खास छाप छोड़ी थी.

Source :aajtak.intoday.in

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