क्या चल रहा है?

राजस्थान में फंसे सैकड़ों मजदूर बॉर्डर पर पहुंचे, लुधियाना में प्रदर्शन कर श्रमिक बोले-कोरोना से नहीं भूख से डर लगता है

  • राज्य में इस खतरनाक महामारी के संक्रमण के 331 मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को इनमें से 19वीं मौत हुई
  • जालंधर में बढ़ते मामलों के मद्देनजर होशियारपुर जिला प्रशासन ने जालंधर के लोगों की एंट्री पूरी तरह बंद की

कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन में फंसे लोगों को लाए जाने का क्रम निरंतर जारी है। मंगलवार को लॉकडाउन के 28वें दिन राजस्थान में फंसे सैकड़ों मजदूरों को पंजाब लाया जा रहा है। ये लोग फाजिल्का जिले के अबोहर में श्रीगंगानगर से राजस्थान-पंजाब बॉर्डर पर पहुंच चुके हैं। यहां से चेकअप के बाद जो जहां का है, वहां क्वारैंटाइन किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे पहले नांदेड़ गए 467 श्रद्धालु सोमवार रात पंजाब पहुंच चुके हैं।

दूसरी ओर राज्य में इस खतरनाक महामारी के संक्रमण के 331 मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को इनमें से 19वीं मौत हुई है। 99 मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि 213 अभी आईसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। सूबे में अभी तक 15516 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 12333 की रिपोर्ट निगेटिव और 2853 की पेंडिंग हैं। तरनतारन में पहली बार केस आने के बाद अब काेरोना 20 जिलों में फैल चुका है।

जालंधर सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदर कौर चावला से वीडियो कॉल पर जिले का हाल जानते मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह। सिविल सर्जन ने बताया कि अब तक ढाई हजार से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं और सैंपलिंग तेजी से जारी है।जालंधर: मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉलिंग के जरिए सिविल सर्जन से जाना हाल, बढ़ाया हौसला
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदर कौर चावला से वीडियो कॉलिंग के जरिए बात की और कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में प्रदेश में नंबर एक जालंधर का हाल जाना। कैप्टन ने सिविल सर्जन डॉ. चावला से उनकी और उनके स्टाफ की सेहत के बारे में भी बात की। उनका हौसला बढ़ाया। सिविल सर्जन ने उन्हें जानकारी दी कि जालंधर में अब तक ढाई हजार से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं और सैंपलिंग की प्रक्रिया तेज की जा रही है ताकि कोरोना वायरस आगे ना फैले। उन्होंने बताया कि जालंधर में कई ऐसे मरीजों को भी ढूंढा गया है, जिनमें कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं थे। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि यह कैसे पता चलता है कि इन्हें कोरोना है जबकि उन्हें कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं? इस पर सिविल सर्जन ने जवाब दिया कि पॉजिटिव आए मरीज के संपर्क में आए इन लोगों के भी सेहत विभाग टेस्ट कर रहा है, जिस वजह से उन्हें लक्षण आने से पहले ही कोरोना वायरस की पुष्टि हो रही है।

होशियारपुर: जालंधर के लोगों की एंट्री बंद, हाईवे और लिंक रोड समेत सभी रास्ते सील
जालंधर में लगातार बढ़ते कोरोना के मामले के बीच होशियारपुर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। होशियारपुर के डीसी ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि जालंधर के लोगों की होशियारपुर में एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। यही नहीं, उन्होंने जालंधर की तरफ से आने वाले सभी लिंक रोड, हाईवे और अन्य मार्ग सील कर दिया है।

फाजिल्का में नेशनल हैल्थ मिशन के कर्मचारी पंजाब सरकार के खिलाफ काले बिल्ले लगाकर नाराजगी का इजहार करते हुए। इसीतरह पटियाला और दूसरे जिलों के अस्पतालों में इस वर्ग के कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया।

पटियाला: एनएचएम के मुलाजिमों ने काले बिल्ले लगाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया
राष्ट्रीय सेहत मिशन (एनएचएम) के मुलाजिमों ने काले बिल्ले लगा कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनियन के राज्य प्रधान अमरजीत सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सेहत मिशन के कर्मचारी कोविड-19 के खिलाफ जंग में अपनी मौत की परवाह किए बिना फ्रंट लाइन और पूरी मेहनत और तनदेही के साथ ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन पंजाब सरकार इन मुलाजिमों की तरफ से दिन-रात की जा रही ड्यूटी को अनदेखा करते हुए कम वेतन दे रही है। राज्य सरकार ने समय-समय पर उनको पक्का करने के लारे ही लगाए हैं। चाहे इन मुलाजिमों को राष्ट्रीय सेहत मिशन में काम करते 15 साल हो चुके हैं, परंतु राज्य सरकार की तरफ से अभी तक इन मुलाजिमों को नौकरी की सुरक्षा किसी भी तरह का बीमा और कोविड-19 दौरान किसी भी तरह की कोई आर्थिक मदद का ऐलान अभी तक नहीं किया गया। पिछले दिन ही सरकार ने करीब 120 मुलाजिम के वेतन 40 प्रतिशत तक बढ़ाए थे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से बाकी 13 हजार मुलाजिमों का वेतन तो क्या बढ़ाना था, उलटा मुलाजिमों के वेतन में वृद्धि पर भी रोक लगा दी।

लुधियाना: मजदूर बोले-भूख में तो कोरोना से भी डर नहीं लग रहा साहब
एक माह से कारखाने बंद हैं। ऐसे में श्रमिकों के पास न पैसे हैं और न ही अन्न। कई इलाकों में सरकारी मदद नहीं मिल रही, जिससे उनका धैर्य टूटने लगा है। लुधियाना के वार्ड-30 में बड़ी संख्या में श्रमिक पार्षद जसपाल सिंह ग्यासपुरा के दफ्तर पहुंचे और उनका घेराव कर दिया। सूचना मिली तो पार्षद भी दफ्तर पहुंच गए। श्रमिकों को झुंड में देख पार्षद ने उन्हें शारीरिक दूरी बनाकर खड़े होने को कहा। इस पर श्रमिकों ने कहा कि साहब भूख में अब तो कोरोना से भी डर नहीं लग रहा। पहले सरकारी राशन दिलाओ फिर कोरोना से बचाव के तरीके बताते रहना। कुछ दिन पहले भी अकाली पार्षद जसपाल सिंह ग्यासपुरा का घेराव किया था। तब पार्षद ने भरोसा दिलाया था कि मेयर बलकार सिंह संधू से बैठक करने जा रहे हैं उसके बाद राशन की व्यवस्था करवाई जाएगी। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी श्रमिकों को राशन नहीं मिला तो वह दोबारा पार्षद का घेराव करने पहुंच गए। पार्षद जसपाल सिंह ग्यासपुरा का कहना है कि उनके वार्ड में हजारों लोग ऐसे हैं। सरकार ने अपनी व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो वह भी श्रमिकों के साथ सड़क पर आ जाएंगे।

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