क्या चल रहा है?

राजस्थान में नहीं मिली लॉकडाउन में छूट, छत्तीसगढ़-झारखंड में भी प्रतिबंध पहले की तरह लागू

  • केंद्र सरकार ने शुक्रवार देर रात लॉकडाउन के नियमों में काफी रियायतें दी थी
  • ज्यादातर राज्यों ने अभी केंद्र द्वारा लॉकडाउन में दी गई छूट को लागू नहीं किया

जयपुर/भोपाल. एक महीने से ज्यादा वक्त से जारी लॉकडाउन में शुक्रवार देर रात केंद्र सरकार ने कई रियायतें दी। हालांकि, संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या से सहमे कई राज्यों ने लॉकडाउन के नियमों में कोई ढील नहीं दी। राजस्थान सरकार ने कहा कि अभी जैसी व्यवस्थाएं हैं, वही चलती रहेगी। वहीं, मध्यप्रदेश सरकार ने रविवार से कुछ इलाकों में ढील दिए जाने की बात कही है। पंजाब सरकार ने स्पष्ट तौर पर कह दिया कि 3 मई तक राज्य में कर्फ्यू रहेगा। हरियाणा में लॉकडाउन के नियमों में कोई राहत फिलहाल नहीं दी गई है। वहीं, संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र में भी कोई अतिरिक्त छूट नहीं दी है।

राजस्थान: जैसी व्यवस्था अभी है आगे भी वैसे ही चलेगी

यह तस्वीर जयुपर की है। यहां जरूरत के सामान की दुकानें ही खुलीं। हैंडलूम की इन दुकानों में किराना का सामान मिलता है।राजस्थान में केंद्र की लॉकडाउन में दी गई छूट से कोई असर नहीं रहा है। यहां पिछले 20 अप्रैल को प्रदेश में गहलोत सरकार ने मॉडिफाइड लॉकडाउन लागू किया था। इसमें कुछ शर्तों के साथ उद्योग धंधों को छूट दी गई। फिलहाल, वही लॉकडाउन से यहां उतनी ही राहत मिलेगी। हालांकि, केंद्र की तरफ देर रात आए आदेश के बाद सुबह कुछ दुकानदारों में असमंजस की स्थिति रही। इसके कारण पहले की तरह सिर्फ मेडिकल और जरूरत के सामान की दुकाने ही खुलीं। यहां जयपुर व्यापार महासंघ अध्यक्ष सुभाष गोयल ने बताया कि जयपुर अभी हॉटस्पॉट बना हुआ है। साथ ही रेडजोन में भी है। जयपुर नगर निगम क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अजय लांबा के अनुसार दुकानों को खोलने की अभी छूट नहीं दी गई है। अगले आदेश तक इंतजार करें।

छत्तीसगढ़: लॉकडाउन में कोई नई छूट नहीं, पहले की तरह प्रतिबंध रहेंगे

रायपुर में रोज की तरह शनिवार दोपहर 2 बजे व्यापारियों ने खुद बाजार बंद कर दिया।

छत्तीसगढ़ में दुकानें खोलने को लेकर केंद्र के साथ हुई बैठक के बाद राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश में कोई नई छूट नहीं दी जाएगी। जो प्रतिबंध पहले लागू थे, वैसे ही रहेंगे। केंद्र सरकार का आदेश सामने आने के बाद रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और रायगढ़ में दुकानें खोली गईं। हालांकि, प्रशासन की तरफ से काेई स्पष्ट निर्देश नहीं होने के कारण शटर आधे बंद भी रहे।

मध्यप्रदेश: भोपाल में 3 मई तक कोई छूट नहीं

 भोपाल में न्यू मार्केट में फैंटेसी किराना स्टोर जिला प्रशासन की अनुमति से खुल रहा है। यहां पर भी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने लगे हैं।

रविवार से मध्यप्रदेश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों (कंटेनमेंट एरिया को छोड़कर) में सारी दुकानें खोली जा सकेंगी। शहरों में संक्रमित क्षेत्रों को छोड़कर, मुख्य बाजार को छोड़कर मोहल्लों की सारी आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खोली जा सकेंगी। मॉल, सिनेमाघर, जिम, होटल, ब्यूटी पार्लर, सैलून और मुख्य बाजार नहीं खुलेंगे। प्रत्येक जिले में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप का गठन हुआ है। यह ग्रुप अपने जिलों की परिस्थितियों को देखकर इन दुकानों को खोलने या ना खोलने का निर्णय कर सकेंगे। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, धार एवं खरगोन जिलों और संक्रमित क्षेत्रो में दुकानें खोलने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, भोपाल में लॉकडाउन के दौरान 3 मई तक कोई राहत नहीं मिलेगी। कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने कहा कि भोपाल रेड जोन में है, इसलिए केंद्र सरकार का 50 फीसदी दुकान खोलने का आदेश शहर में लागू नहीं होगा। 3 मई के बाद इस पर विचार किया जाएगा। अभी जो व्यवस्थाएं लागू हैं, उसी के अनुसार दूध, सब्जी और किराना दुकानें चालू रहेंगी। अन्य कोई अतिरिक्त छूट नहीं दी गई है।

उत्तरप्रदेश: रियायत नहीं, फिर भी कुछ जगह दुकानें खुलीं

वाराणसी में किराने और इलेक्ट्रॉनिक की दुकानें शनिवार सुबह खुली। यहां खरीदारी को आए लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया।

लॉकडाउन के दौरान बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन में कोई रियायत देने के मूड में नहीं है। पहले चरण में मिली रियायतों को ही जारी रखा गया है। 20 अप्रैल से मिलने वाली रियायतों के बारे में मुख्यमंत्री ने जिले के डीएम को निर्णय लेने के लिए कहा था। 25 अप्रैल से दूसरे चरण में कुछ स्थानों में दुकानें जरूर खुलीं, लेकिन, जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा था, वहां दुकानें बंद करा दी गईं। कुल मिलकार देखा जाए तो स्थिति पहले जैसी ही रही। योगी सरकार ने 30 जून तक किसी भी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम पर रोक लगाई है।

झारखंड: लॉकडाउन में छूट का नहीं लिया गया फैसला

गुमला में सब्जी खरीदारी के दौरान कई स्थानों पर सोशल डिस्टेंस का पालन किया गया तो कई जगहों पर इसका बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया।

झारखंड में लॉकडाउन में ढील को लेकर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है। यहां स्थिति पहले की तरह ही है। यानी जो दुकानें पहले खुल रही थी। वही अब खुल रही है। सरकार की तरफ से भी इस बारे में कोई आदेश नहीं दिया गया है।

बिहार: लगातर बढ़ रहा संक्रमण, प्रभावित जिलों में सख्ती रहेगी

पटना में शनिवार को लॉकडाउन के दौरान प्रतिबंधों में ढील के बाद लोहिया पथ चक्र पुल पर काम कर रहे निर्माण श्रमिक काम कर रहे हैं।
पटना में शनिवार को लॉकडाउन के दौरान प्रतिबंधों में ढील के बाद लोहिया पथ चक्र पुल पर काम कर रहे निर्माण श्रमिक काम कर रहे हैं।

बिहार के सीवान, नालंदा और मुंगेर रेड जोन में हैं। पटना में लगातार बढ़ रहे संक्रमितों के कारण यह भी रेड जोन में आ सकता है। नौ जिले औरेंज  जोन में हैं। इन जिलों में सरकार किसी भी प्रकर की रियायत नहीं दे रही है। बाकी ग्रीन जोन में शामिल 20 जिलों में जरूरत के सामानों की दुकानों को खोला जा रहा है। गैरजरूरी चीजों की दुकानें भी निश्चित समय के लिए खुल रही हैं। ऐसे में केंद्र की रियायत का राज्य में कोई खास असर नजर नहीं आया है। जो स्थिति पहले थी। वही शनिवार को भी रही।

हरियाणा: देर रात तक या कल जारी हो सकते हैं छूट के आदेश

सिरसा में पट्टे पर मिलने वाले मजदूर, लॉकडाउन में छूट के चलते चौक पर आकर खड़े हो गए लेकिन उन्हें मजदूरी पर लेने के लिए कोई नहीं आया तो उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा।

हरियाणा: कल से 12 जिलों में दुकानें खुल सकेंगी
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि प्रदेश में 26 अप्रैल से 12 जिलों में दुकानें खुल सकेंगी। इन जिलों में आर्थिक गतिविधियां भी शुरू होंगी। ये वही जिले हैं, जहां अब कोरोना मरीजों की संख्या जीरो हो गई है। हालांकि, औद्योगिक गतिविधियां शुरू करने के लिए ऑनलाइन अनुमति दी जाएगी।
मोबाइल एप सिंगल विंडो प्रणाली की तर्ज पर काम करेगा
हरियाणा के 9 जिले चरखी दादरी, फतेहाबाद, हिसार, जींद, करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र, सिरसा और यमुनानगर कोरोना मुक्त हो चुके हैं। इसके अलावा रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और झज्जर में कोई केस नहीं मिला है। राज्य सरकार ने ‘जनसहायक एप’ शुरू किया है। इस पर राशन, डॉक्टर, एजुकेशन, बैंकिंग आदि समेत तमाम सुविधाएं मिलेंगी। यह मोबाइल एप हरियाणा सरकार की सिंगल विंडो प्रणाली की तर्ज पर काम करेगा। इससे पहले शनिवार को राज्य में असमंजस की स्थिति रही कि कौन सी दुकान खुलेगी और कौन सी नहीं। इसका कारण यह था कि केंद्र सरकार ने देर रात आदेश जारी किए। सुबह लोगों को कुछ पता ही नहीं चला।

महाराष्ट्र: जैसा पहले था, वैसा ही रहेगा

यह तस्वीर शनिवार की मुंबई की है। जागेश्वरी इलाके में पुलिस ने मार्च किया। मुंबई में लॉकडाउन से राहतों में कोई ढील नहीं दी गई है।

लॉकडाउन का एक महीना पूरा हो गया है। केंद्र सरकार धीरे-धीरे इसमें छूट दे रही है। इसी कड़ी में गृह मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात एक आदेश जारी कर शनिवार से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रजिस्टर्ड दुकानों को कुछ शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दे दी है। हालंकि, इस छूट का ज्यादा असर महाराष्ट्र में देखने को नहीं मिला। मुंबई और पुणे जैसे रेड जोन वाले जिलों को लेकर अभी कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। इस वजह से यहां हर दिन की तरह ही सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। हालांकि, लॉकडाउन के दौरान उद्योगों को दी गई सीमित छूट के बाद राज्य में 559 औद्योगिक इकाइयों ने काम करना शुरू कर दिया है और आठ हजार से ज्यादा मजदूर काम पर लौट आए हैं। हालांकि, पुणे में अभी भी जूस, मिठाई, बेकरी और रेस्तरां बंद चल रहे हैं।

पंजाब: तीन मई तक कर्फ्यू, कोई राहत नहीं

यह तस्वीर शनिवार को पटियाला की है। सुबह यहां पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला और लोगों से कर्फ्यू के नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा। 

पंजाब में 3 मई तक कर्फ्यू है। फिलहाल, वहां किसी भी तरह की छूट नहीं दी गई है। अधिकृत तौर पर जो ढील पहले से थी। वही लागू है। पूरे प्रदेश में स्थिति पहले जैसी ही रही, सिर्फ जरूरी सामानों से जुड़ी हुई दुकानें ही खुलीं। राज्य सरकार की तरफ से भी फिलहाल किसी तरह की राहत नहीं दी गई है। पटियाला जिले के पातड़ां में पुलिस ने शनिवार को फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान डीएसपी ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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