क्या चल रहा है?

मुंगेर के जमालपुर में थम नहीं रहा कोरोना का संक्रमण, 13 नए मरीज मिले, राज्य में 290 संक्रमित; नालंदा में 70 लोगों ने सैंपल देने से मना किया

  • नालंदा में क्वारैंटाइन की आशंका से सकुनत के 70 लोगों का सैंपल देने से इनकार
  • रोहतास में कोरोना पॉजिटिव महिला का इलाज करने वाले डॉक्टर के ससुर भी संक्रमित

पटना. कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन फेज-2 का आज 13वां दिन है। बिहार में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। संक्रमितों की संख्या 290 हो गई है। मुंगेर सबसे अधिक प्रभावित है। यहां 81 लोगों को कोरोना का संक्रमण हुआ है। मुंगेर के जमालपुर में कोरोना का संक्रमण थम नहीं रहा है। सोमवार सुबह सदर बाजार में रहने वाले 13 नए मरीज मिले।  जमालपुर से कोरोना के 73 मरीज मिले हैं। जमालपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर उपकरणों के अभाव में डर-डर कर काम करने को विवश हैं। कोरोना से लड़ने के लिए चिकित्सकों को पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है। महज एक इंफ्रारेड थर्मामीटर के सहारे जमालपुर में संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है।

पटना: सब्जी वाले के संक्रमित होने से दहशत
पटना में कोरोना संक्रमितों की संख्या 33 है। इनमें से 21 संक्रमित खाजपुरा के हैं। खाजपुरा में सब्जी विक्रेता के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद इलाके में दहशत है। वह बेली रोड के किनारे ठेला लगाकर सब्जी बेचता था। उसकी दुकान से राजाबाजार, शेखपुरा, आरा गार्डन, रामनगरी मोड़, जगदेव पथ समेत कई मोहल्ले के लोग सब्जी खरीदते थे। 24 अप्रैल को खाजपुरा में रहने वाले सीएमएस कंपनी के एटीएम कस्टोडियन के जिस किराएदार की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी, वह एयरपोर्ट का सफाईकर्मी है। एयरपोर्ट प्रशासन ने उसके साथ काम करने वाले सफाईकर्मियों के आने पर रोक लगा दी है। 49 सफाईकर्मियों का सैंपल लेने के साथ क्वारैंटाइन किया गया।

गोपालगंज के सदर प्रखंड का काकड़कुंड गांव। इसी गांव में एक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है।गोपालगंज: 25 दिन बाद फिर से कोरोना की दस्तक
गोपालगंज में कोरोनावायरस का खतरा बढ़ने लगा है। 25 दिन बाद फिर से कोरोना की एंट्री हुई है। अचानक 7 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। 7 जो मरीज मिले है उसमें भोरे को छोड़ दें तो कोरोना ने चार नए प्रखंडों फुलवरिया, पंचदेवरी, बैकुंठपुर तथा गोपालगंज में अपना पैर पसारा है। प्रशासन ने पांच प्रखंडों में 3 किमी की परिधि में आने वाले आसपास के 32 गांवों को सील कर दिया है। किसी को भी आने-जाने की अनुमति नहीं है। गांव के बाहर पुलिस बलों की तैनाती कर दी गई है।

सासाराम सील किया गया मुरादाबाद मुहल्ला।

रोहतास: कोरोना पॉजिटिव महिला का इलाज करने वाले डॉक्टर के ससुर भी संक्रमित 
रोहतास के सासाराम में छह और लोगों की सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यहां कोरोना पॉजिटिव की संख्या 15 पहुंच गई है। आईएमए रोहतास के एक पदधारक को भी कोरोना हो गया है। जिले की पहली कोरोना पॉजिटिव महिला की इलाज करने वाले प्राइवेट चिकित्सक के ससुर होने के कारण उनको भी 22 अप्रैल को ही क्वारेंटाइन कर दिया गया था। बावजूद उक्त चिकित्सक स्वास्थ्य विभाग की कई बैठकों में शामिल हुए थे। जिला प्रशासन ने करपुरवा गांव को भी कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। करपुरवा गांव के एक अधेड़ का सैंपल टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद कंटेंनमेंट जोन घोषित करते हुए उक्त क्षेत्र में किसी प्रकार के आवगमन को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके पूर्व बरादरी मोहल्ला तथा मुरादाबाद गांव को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया जा चुका है।

बिहारशरीफ के सकुनत मोहल्ला में फौला सन्नाटा।

नालंदा: क्वारैंटाइन की आशंका से सकुनत के 70 लोगों का सैंपल देने से इनकार
नालंदा जिले के बिहारशरीफ के सकुनत मोहल्ले में 19 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। बावजूद इसके कुछ लोग अब भी सावधानी बरतने से इनकार कर रहे हैं। मोहल्ले के 70 लोगों ने क्वारैंटाइन होने की आशंका से सैंपल देने से इनकार कर दिया। घर में रहने की शर्त पर लोग सैंपल देने को तैयार है। इससे स्वास्थ्य विभाग के साथ स्थानीय लोग भी चिंतित हैं। सीएस डॉ. राम सिंह ने बताया कि विभागीय गाईड लाइन के अनुसार सावधानी के तौर पर सैंपल देने वाले को क्वारैंटाइन होना आवश्यक है। लेकिन उन लोगों की मांग है कि मोहल्ले में ही सैंपल लेकर उन्हें घरों में रहने दिया जाए। इस शर्त को स्वास्थ्य विभाग नहीं मान सकता। अगर एक भी पॉजीटिव केस आ गया तो संक्रमण पूरे इलाके में फैल जाएगा।

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