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भारत में कोरोना से बचने के लिए लॉकडाउन बेहद जरूरी: अमेरिकी विशेषज्ञ

  • कोरोना को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन जरूरी: विशेषज्ञ
  • अमेरिकी विशेषज्ञ ने की भारत की तारीफ

पूरी दुनिया इस समय कोरोना महामारी से जूझ रही है और ज्यादातर देशों में संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन जारी है. ऐसे में दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में भी इस जानलेवा वायरस के प्रकोप को कम करने के लिए देर से ही सही लेकिन लॉकडाउन का फैसला लेना पड़ा. विशेषज्ञ भी इस समय लॉकडाउन को ही कोरोना के संक्रमण से बचने का सबसे बेहतर उपाय मान रहे हैं.

भारत में भी इस समय तीन हफ्ते का लॉकडाउन जारी है. ऐसे में एक अमेरिकी विशेषज्ञ ने भारत और अमेरिका में लॉकडाउन की हिमायत की है और इसे लोगों की जान बचाने के लिए जरूरी बताया है. वर्तमान में वो दवा कंपनी Takeda के ग्लोबल वैक्सीन बिजनेस यूनिट के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं.

बुश प्रशासन के दौर में व्हाइट हाउस में जैव प्रौद्योगिकी और जैविक खतरों के लिए अमेरिकी तैयारी की निगरानी करने वाले विशेष सहायक राजीव वेंकैया ने कहा, ”यह कहना मुश्किल है कि भारत को कोरोना वायरस की चुनौती को विफल करने के लिए कितने समय की आवश्यकता होगी. उन्होंने कहा, “एक महामारी के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, मुझे नहीं पता कि तीन सप्ताह पर्याप्त होंगे. इसे और अधिक समय की आवश्यकता हो सकती है, हमें दूसरे देशों में क्या हो रहा है, यह भी देखना होगा,”

वेंकैया ने कहा, “अगर आप मुझसे पूछें कि क्या यह आबादी का आकार, स्वास्थ्य सेवा क्षमता, एकरूपता की कमी को देखते हुए होगा जो कि भारत जैसे देश में अपरिहार्य है, यहां पर राज्यों को स्वायत्तता है कि क्या करना है और यह कैसे करना है, अनुपालन के विभिन्न स्तरों को देखकर मुझे लगता है कि यह आसानी से बहुत लंबा हो सकता है.

कोरोना वायरस के प्रकोप को लेकर उन्होंने चीजों को जल्दी करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अधिक संख्या में और लोगों को संक्रमित होने से बचाने के लिए इसके क्षेत्र को कम करना होगा. इसमें देरी से इस वायरस के खत्म करने के लक्ष्य को पूरा करना बहुत कठिन हो जाएगा.

वेंकैया ने कहा, “हम यह भी जानते हैं कि भारत में यह खतरा अधिक है क्योंकि जनसंख्या घनत्व के कारण यह अन्य स्थानों पर फैल सकता है. इसके अलावा, वहां आबादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ऐसा है जिनकी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच नहीं है जिनका ध्यान रखना आवश्यक है. उन्होंने ये भी कहा कि बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं इसलिए यह और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है.”

यह देखते हुए कि लॉकडाउन में कोई भी सामुदायिक हस्तक्षेप सही नहीं है, उन्होंने कहा कि यदि कोई एक साथ कई हस्तक्षेप करता है, तो वायरस के संक्रमण को कम करने पर बहुत महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है.

भारत में अब तक 8 हजार कोरोना मरीजों की पुष्टि हो चुकी है जबकि इस वायरस की वजह से 270 से ज्यादा लोगों की अब तक मौत हो चुकी है.

Source :aajtak.intoday.in

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