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फैक्ट चेक: क्या राहत सामग्री किराना की दुकान पर बेची गई? लेकिन वीडियो तो पाकिस्तान का है!

कोरोनो वायरस महामारी के प्रकोप के बीच कई लोग लॉकडाउन से प्रभावित उन लोगों के लिए फरिश्ता साबित हो रहे हैं, जिनके पास खाने-पीने की रोजमर्रा की चीजों की कमी है.

हालांकि, इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जो अलग ही कहानी कहता है. वीडियो में ऐसा देखा जा सकता है कि एक आदमी किराना की दुकान पर महामारी के दौरान दान में राहत सामग्री के रूप में मिले राशन को बेचने की कोशिश कर रहा है.

वीडियो में दिख रहे आदमी को दुकानदार से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उनके पास डोनेशन से मिला करीब 200 किलो राशन है, और वह इसे देकर इसके बदले दूसरे सामान जैसे साबुन और शैंपू आदि लेना चाहता है.

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल वीडियो भारत का नहीं, बल्कि पाकिस्तान का है.यह वीडियो भारत में व्हाट्सएप ग्रुप्स में शेयर हो रहा है. वीडियो को देखकर हैरानी जताई जा रही है कि यह किस जगह का है. कई अन्य लोगों ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर अलग दावे के साथ शेयर किया है.

AFWA की पड़ताल

वीडियो देखते हुए हमें कई ऐसे संकेत मिले कि यह वीडियो पाकिस्तान का है. ध्यान से देखने पर पता चलता है कि वीडियो में दिख रहे बॉक्स और पैकेट पर ‘Pakiza’ और ‘Shan’ लिखा है. ये दोनों ही पाकिस्तान के मशहूर मसाले के ब्रांड हैं. ‘Shan’ मसाले भारत में भी उपलब्ध हैं, लेकिन उसकी पैकेजिंग अलग है.

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वीडियो में आसपास की दुकानें भी दिख रही हैं. दुकान का बोर्ड सिर्फ उर्दू में है. भारत में ऐसा मुश्किल है कि दुकान का बोर्ड सिर्फ उर्दू भाषा में रहे. यहां आम तौर पर हिंदी या दूसरी स्थानीय भाषा भी होती है.

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संबंधित कीवर्ड्स से सर्च करने पर हमें पाकिस्तान की कई ऐसी खबरें मिलीं, जिसमें बताया गया है कि किराना की दुकान पर राहत सामग्री बेचने का मामला पाकिस्तान में सामने आया है. हाल ही में “Economic Times” में इस बारे में खबर छपी थी. हालांकि, इन खबरों के साथ कोई वीडियो नहीं है.

सर्च करने के क्रम हमने ऐसी घटना से जुड़े कुछ उर्दू के कीवर्ड्स का इस्तेमाल किया तो हमने पाया कि कुछ यूट्यूब और फेसबुक यूजर्स ने यह वीडियो इस दावे के साथ अपलोड किया है कि यह वीडियो कराची या लाहौर का है.

हमने यह भी पाया कि पाकिस्तानी न्यूज चैनल “Capital TV” ने 7 अप्रैल, 2020 को एक वीडियो अपलोड किया है. “Capital TV के मुताबिक, यह वीडियो कराची का है.”

इसी तरह की एक घटना कराची में भी हुई थी जहां किराना की दुकान से लोगों को राहत सामग्री बेचते हुए पकड़ा गया था. “ARY News” ने इस घटना के बारे में रिपोर्ट किया था.

इन तथ्यों से साबित होता है कि वायरल हो रहा वीडियो भारत का नहीं, बल्कि पाकिस्तान के कराची का है. फैक्ट चेक वेबसाइट “Alt News” ने भी बताया है कि यह वीडियो पाकिस्तान का है.

Source :aajtak.intoday.in

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