क्या चल रहा है?

नूंह जिले में कोरोना संक्रमण की जांच तेज, एंबुलेंस को बनाया अस्पताल, गांव-गांव रोज 50 से अधिक सैंपल लेगी

  • रमजान में रोजेदारों को कोरोना सैंपल देने में दिक्कत न हो,  इसे ध्यान रखकर गांव-गांव टीम भेजी जाएगी
  • एंबुलेंस में सवार डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन को पीपीई किट की जरूरत महसूस नहीं होगी

नूंह. स्वास्थ्य विभाग ने नूंह जिले में सिविल सर्जन डा. विरेंद्र यादव के नेतृत्व में लोगों को चिन्हित करने तथा सैंपल लेने का काम तेज कर दिया है। कंटेनमेंट जोन में महज 2 दिन में सभी के सैंपल लेकर जांच करवाई गई। कोरोना सैंपल के लिए लोगों को दूरदराज के गांवों से रमजान के महीने में लेकर आना कठिन काम था। स्वास्थ्य विभाग ने एक एंबुलेंस को मोडिफाइड करके सैंपल लेने शुरू किए हैं। हर दिन 50 से अधिक सैंपल लिए जाएंगे।
डीसी ने कहा कि कि जिला सचिवालय नूंह में लोगों का आना जाना लगा रहता है, इसलिए बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एंबुलेंस को पोर्च में खड़ा करके लोगों के सैंपल लिए। सिविल सर्जन डा. विरेंद्र यादव ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में रोजेदारों को कोरोना सैंपल देने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत गर्मी के मौसम में न हो, साथ ही उसका ज्यादा समय बर्बाद ना हो, इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक एंबुलेंस को अस्पताल का रूप दिया है। इस एंबुलेंस में सवार होकर कोरोना का टेस्ट लेने के लिए डॉक्टरों की टीम गांव-गांव जाएगी, मौके पर ही संदिग्ध मरीजों का सैंपल लेगी।

एंबुलेंस से हर दिन 50 से अधिक सैंपल लिए जा रहे

प्रतिदिन 50 से अधिक सैंपल इस वेन से लिए जा रहे हैं। सिविल सर्जन ने कहा कि इस एंबुलेंस में सवार डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन को पीपीई किट की जरूरत महसूस नहीं होगी। एंबुलेंस से दस्तानों में हाथ बाहर निकालकर नीचे खड़े मरीज का सैंपल लिया जा सकेगा। मरीज और सैंपल लेने वाले स्टाफ को इस एंबुलेंस में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी। सामान्य अस्पताल के कुछ गांवों की दूरी 60-65 किलोमीटर तक है। ज्यादातर लोगों को सैंपल लेने के लिए जिला नागरिक अस्पताल माडीखेड़ा में लाया जाता है। जिससे समय व धन की बर्बादी हो रही है। इस नए कदम से सैंपल लेने की गति भी बढ़ेगी।

एंबुलेंस को मेवात कोविड टेस्ट वेन नाम दिया

स्वास्थ्य विभाग ने इस एंबुलेंस को मेवात कोविड टेस्ट मोबाइल वेन नाम दिया है। एंबुलेंस में डॉक्टरों के बैठने के अलावा सैंपल लेने के सभी उपकरण उपलब्ध रहेंगे, जो एंबुलेंस में बैठे-बैठे नीचे खड़े मरीज का सैंपल उसी जगह पर ले सकेंगे। कुल मिलाकर जिले में कोरोना के सबसे ज्यादा 58 केस हरियाणा में अब तक किसी जिले में सबसे ज्यादा केस हैं, लेकिन स्वास्थ विभाग ने समय रहते ज्यादा से ज्यादा लोगों के टेस्ट कर कोरोना संक्रमण वाले लोगों की पहचान करने के लिए अपनी स्पीड तेज कर दी है। खासकर रमजान के महीने में सैंपल देते समय रोजेदार को किसी प्रकार की तकलीफ ना हो, इसीलिए अब डॉक्टरों की टीम सामान्य अस्पताल माडीखेड़ा बुलाने की बजाए खुद चलकर गांव में जाएगी और लोगों का कोरोना का सैंपल लेने का काम करेगी।

सबसे नया

To Top
//luvaihoo.com/afu.php?zoneid=3256832