क्या चल रहा है?

दो दिनों बाद फिर मां-बेटे समेत चार कोरोना संक्रमित मिले, संख्या 68 हुई

  • दो दिन से एक भी पॉजिटिव नहीं मिला था, अब 4 केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
  • जिले में 14 कोरोना मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है

दिल्ली. गौतमबुद्ध नगर में पिछले दो दिन से कोरोना संक्रमित कोई मरीज नहीं मिला था। लेकिन सोमवार को एक साथ मां-बेटे समेत चार नए पॉजिटिव केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मंच गया। खास बात यह है कि इन मरीजों को वायरस का संक्रमण कैसे हुआ, इसकी विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है। वहीं अब जिले में कुल मरीजों की संख्या 68 पार हो गई है। चारों मरीजों को अलग-अलग आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार कोरोना पॉजिटिव मां-बेटे सेक्टर-62 स्थित एक सोसायटी के रहने वाले हैं। तीसरा मरीज ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौड़ सिटी और चौथा ग्रेनो के इटा सेक्टर निवासी किशोरी है। पिछले दो दिनों से जहां जिले में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला था। वहीं, मंगलवार को चार मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। सीएमओ एपी चतुर्वेदी के अनुसार चारों मरीजों की हालत ठीक है। उन्हें अलग अलग आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। इसके अतिरिक्त अब तक 14 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।

नोएडा में 40 से ज्यादा मामले ब्रिटिश ऑडिटर के कारण हुए 

डीएम सुहास एलवाई ने सोमवार  को बताया  काफी सारे सैंपल्स की रिपोर्ट आ रही है और कुछ घर भी जाएंगे। सही संख्या बताना अभी मुश्किल होगा, लेकिन मेरी जानकारी के मुताबिक 40 के आसपास की संख्या है, जो ऑडिटर के साथ जुड़े हुए हैं। ऑडिट करने वाला व्यक्ति जो नोएडा स्थित एक कंपनी सीजफायर  इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के लिए काम करता है। वो दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरकर सीधे उत्तराखंड के लिए रवाना हो गया। फिर दो दिन बाद वह नोएडा में रुका और लॉकडाउन से कुछ दिन पहले वापस चला गया। नोएडा में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते गए और कहीं न कहीं यह शख्स एक मुख्य पॉइंट रहा है। जिसके संपर्क में आने से कई लोग संक्रमित हुए हैं। नोएडा में 8 मार्च को पहला कोरोना संक्रमित मरीज मिला था और 8 मार्च से 21 मार्च तक पांच मरीज कोरोना से संक्रमित मिले थे।

21 से 24 मार्च तक कोरोना के 11 मरीज मिले थे

ऑडिटर 19 मार्च को वापस चला गया था और नोएडा में उसके बाद से एक के बाद एक कोरोना से संक्रमित मामले सामने आए। और आंकड़े के अनुसार 21 मार्च से 24 मार्च तक 11 मरीज हुए और 27 मार्च को 17 मामले सामने आए। सेक्टर 137 स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाली एक महिला ने 23 मार्च को कोरोना के संक्रमण के लक्षण के बारे में बताया था और उनके परिवार का एक सदस्य सीजफायर कम्पनी में काम करता था, जिसके बाद 24 मार्च को उसे और उसके पति को कोरोना हुआ। फिर 25 मार्च को उनकी बेटी को कोरोना हुआ, जिसके बाद सेक्टर 50, सेक्टर 128, सेक्टर 37 से कोरोना संक्रमित मरीज मिले, जो कि सीजफायर कंपनी के संपर्क में थे।

15 मीटर के दायरे में आने वाले हर आदमी का बुखार नाप लेगा ड्रोन
अब थर्मल गन से लोगों के पास जाकर बार-बार शरीर का तापमान नापने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कोरोना कॉम्बेट ड्रोन 15 मीटर दायरे में आने वाले हर शख्स के बारे में बता देगा कि उसे बुखार है या नहीं। नोएडा प्राधिकरण ने थर्मल इमेजिंग कोरोना कॉम्बेट ड्रोन का परीक्षण किया। हालांकि अधिकारी ड्रोन की उड़ने की कम अवधि से असंतुष्ट हैं। फिलहाल इसका परीक्षण जारी रहेगा। प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि शनिवार को रोबोटिक्स कंट्रोल के माध्यम से सेक्टर-16 और 17 के बीच की झुग्गियों के ऊपर से कोरोना कॉम्बेट ड्रोन को उड़ाया गया। इस ड्रोन को उड़ाने का मकसद लोगों के शरीर के तापमान का परीक्षण करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इन क्षेत्रों में केवल सेनिटाइजेशन का काम किया गया। उनका कहना है कि ड्रोन की उड़ने की अवधि संतोषजनक नहीं है। ड्रोन को एक बार में कम से आधे घंटे तक उड़ान भरनी चाहिए।

Source :www.bhaskar.com

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