क्या चल रहा है?

दिल्ली में दंगे के 5 दिन बाद के हालात, चौथी मंजिल से पड़ोसी की छत पर कूदकर दंगाइयों से बचा परिवार

  • दिल्ली दंगे में आप के पार्षद ताहिर हुसैन के बाद मुस्तफाबाद विधायक हाजी यूनुस का नाम भी जुड़ा
  • दंगा पीड़ितों ने आरोप लगाया कि हाजी यूनुस ने दंगे से 10 मिनट पहले ही शांति मार्च निकाल था

नई दिल्ली. दिल्ली में हिंसा खत्म हो चुकी है, लेकिन हिंसा की अफवाहों का दौर चरम पर है। रविवार शाम करीब 7 बजे कई इलाकों में हिंसा की अफवाहें फैलीं। कहा गया कि शाहीनबाग में भगदड़ का माहौल है। तत्काल पुलिस पहुंची, पर हालात सामान्य थे। अफवाहों की वजह से तिलकनगर, नांगलोई, सूरजमल स्टेडियम, बदरपुर, तुगलकाबाद, उत्तम नगर पश्चिम और नवादा मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया। रात सवा आठ बजे पुलिस ने ट्वीट किया- ‘सब जगह शांति है।’ इस ट्वीट के बाद मेट्रो स्टेशन खोले गए। शाहीन बाग में जारी प्रदर्शन के पास दो गुटों में टकराव राेकने के लिए धारा 144 लगा दी गई। भास्कर ने उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के बृजपुरी इलाके में जाकर हालातों की जानकारी ली।

बृजपुरी केस-1

उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के बृजपुरी में 25 फरवरी को जो हिंसा, आगजनी, लूटपाट और पथराव हुआ उसे याद कर इसके पीड़ितों में डर आज 6 दिन बाद भी बना हुआ है। इस हिंसा और आगजनी में कई परिवार बर्बाद हो गए। तो कई ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। ऐसा ही एक परिवार संजय कौशिक का है। जो बृजपुरी मेन रोड पर पिछले 16 साल से रह रहे हैं। कौशिक इसी घर से अपना होलसेल का बिजनेस  करते है। पहले फ्लोर पर वे छोटे बेटे के साथ और दूसरी फ्लोर पर उनका बेटा और उसका परिवार रहता था। लेकिन 25 फरवरी को जो उनके परिवार के साथ दंगाइयों ने किया। उसे याद कर रो पड़ते हैं। चार मंजिला घर उनका जलकर खंडहर और सामान राख में बदल चुका है। गोदाम में रखा लाखों का स्टॉक जलकर खाक हो चुका है। संजय कौशिक अब अपने रिश्तेदारों के घर रहने को मजबूर है।

जो कुछ घर में था दंगाई उसे लूट लिया और घर में आग लगा दी। कौशिक घटना के बारे में बताते हुए कई बार भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि एक साथ हजारों की संख्या में हथियारों और पेट्रोल बमों से लेस मुस्तफाबाद की ओर से आई भीड़ ने एकाएक उनके घर पथराव करते हुए गेट तोड़ने की कोशिश की। नीचे गोदाम का शटर तोड़ सामान लूटा और आग लगा दी। उनका परिवार घर में फंस गया। वे पुलिस और रिश्तेदारों को फोन लगाते रहे। लेकिन पुलिस पहुंचती इससे पहले ही दंगाइयों ने घर का गेट तोड़ दिया। तो कुछ सीढ़ी लगाकर पहले फ्लोर की बालकॉनी में आ गए। ऐसे में वे पूरे परिवार के साथ चौथी मंजिल से पड़ोस की छत पर कूद गए। वे कई छतों को पार करते हुए तीसरी गली में पीछे के रास्ते किसी के घर से  दंगाइयों से खुद के परिवार को सुरक्षित निकाला।

बृजपुरी केस-2

डर कर भाग जाते तो हमारा भी घर जल जाता- पीड़ित

संजय कौशिक के पड़ोस में मायूस से कुर्सी पर एक बुजुर्ग बैठे हैं। घर का गेट और दुकान जल चुकी है। रिश्तेदारों का आना-जाना जारी है। ये बुजुर्ग हैं  रोशनलाल । जो 25 फरवरी को हुए दंगे के पीड़ित है। इनकी घर के बाहर दुकान जल चुकी है।  जिसमें कुछ दिन पहले ही फर्नीचर करवाया था। लेकिन उन्हें क्या पता मुहूर्त से पहले ही दंगाई उनकी दुकान को फूंक देंगे। रोशनलाल ने बताया कि हजारों की संख्या में आई दंगाई भीड़ ने घर का मेन गेट तोड़ने की कोशिश की। दुकान का शटर तोड़कर सामान लूटा और आग लगा दी। घर में वे उनका बेटा-पोता परिवार के साथ बंद कर लिया। दुकान की आग धीरे-धीरे फैलने लगी। वे बेटे और पोते के साथ गेट पर डटे रहे ताकि गेट ना तोड़ पाए।

बृजपुरी केस-3

आप विधायक हाजी यूनुस पर दंगा करवाने का आरोप
दिल्ली दंगे में आप के पार्षद ताहिर हुसैन के बाद मुस्तफाबाद विधायक हाजी यूनुस का नाम भी जुड़ता जा रहा है। बृजपुरी और इलाके में हुई हिंसा और आगजनी का आरोप स्थानीय लोगों ने हाजी यूनुस पर लगाया है। दंगा पीड़ितों ने आरोप लगाया कि हाजी यूनुस दंगे से 10 मिनट पहले ही शांति मार्च निकाल कर मस्जिद में गए थे। इसके 10 मिनट बाद  ही एकाएक बृजपुरी मोड़ स्थित धार्मिक स्थ‌ल से निकली भीड़ ने जमकर तांडव मचाया। इस धार्मिक स्थ‌ल से दंगाई भीड़ सीढ़ी के जरिए चार बार विधायक रह चुके कांग्रेस नेता भीष्म शर्मा के स्कूल में उतरी और स्कूल को आग लगा दी। जिसमे 30 साल का रिकॉर्ड जलकर खाक हो गया। दंगाई मुस्तफाबाद से हथियारों के साथ करीब 400 लीटर पेट्रोल और बुगी पर पत्थर भर कर लाए थे।

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