क्या चल रहा है?

तेजप्रताप ने नीतीश पर कसा तंज, कहा- बिहार के बाहर फंसे छात्रों और मजदूरों की पीड़ा समझें

  • मुख्यमंत्री का कहना है कि केंद्र लॉकडाउन की गाइडलाइन बदले तभी कोटा से छात्रों को बुलाना संभव
  • प्रशांत किशोर ने कहा-1 हजार के अनुदान के लिए हम सबको नीतीश का आभारी होना चाहिए

पटना. लॉकडाउन के चलते बिहार के बाहर फंसे छात्रों और मजदूरों को लाने के मामले में राजनीति जारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि लॉकडाउन की गाइडलाइन बदले तभी कोटा से छात्रों को बुलाना संभव होगा। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे पर नीतीश कुमार पर हमलावर है।

मंगलवार को राजद नेता तेजप्रताप यादव ने नीतीश कुमार पर तंज कसा और कहा कि उन्हें बिहार के बाहर फंसे छात्रों और मजदूरों की पीड़ा समझनी चाहिए। तेजप्रताप ने वैष्णव जन तो तेने कहिये… भजन की पंक्ति ट्वीट की। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि हे राजन, संघी ईंट से दबी हुई अंतरात्मा को जगाईए। उन बालकों और गरीब मजदूरों की पीड़ा को समझने का प्रयत्न करें और उन्हें अपने राज्य बिहार लाने का प्रबंध करें।

बाहर फंसे हजारों लोगों की दशा दयनीय: प्रशांत किशोर
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी बाहर फंसे बिहार के लोगों को वापस लाने के मुद्दे पर नीतीश कुमार की आलोचना की है। उन्होंने ट्वीट किया कि देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन की वजह से फंसे बिहार के हजारों लोगों की दशा दयनीय बनी हुई है। लेकिन लॉकडाउन की मर्यादा में बंधे नीतीश कुमार के पास सबके लिए एक ही समाधान है– फंसे हुए कुछ लोगों को 1 हजार रुपए का अनुदान। अब इस उदारता के लिए हम सबको जीवनभर उनका आभारी होना ही चाहिए।

 

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