क्या चल रहा है?

जिले के 11 प्रखंडों में माइक्रो प्लान के तहत घर-घर सर्वे कर चिह्नित किए जाएंगे सर्दी-खांसी के मरीज

  • आज से शुरू होगा सर्वेक्षण का काम, गांव और मोहल्लों को किया जा रहा सेनिटाइज्ड

कैमूर. जिले के चैनपुर, भभुआ के अलावे दुर्गावती के खामी दौरा इलाके में कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आने के बाद इन हिस्सो में गहन सर्वेक्षण  कराई गई। घर घर सर्वेक्षण में कई संदिग्धों की पहचान कर जांच के लिए सैम्पल भेजे गए। इसे स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लेते हुए जिले के सभी हिस्से में गहन सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया है। विभाग के राज्य स्तर के अफसरों ने जिले के पदाधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किया है। इसके आलोक में अब जिले के पदाधिकारियो ने माइक्रो प्लान तैयार कर सर्वेक्षण कराने की तैयारी शुरू कर दी है। आवश्यक कागजातों की मांग पटना से की गई है। संभवतः शुक्रवार से सर्वेक्षण शुरू कर दी जाएगी। विभाग के आधिकरिक जानकारी के मुताबिक जिले के सभी 11 प्रखंडों के सभी गांवों की माइक्रो प्लान तैयार कर सर्वेक्षण कराई जाएगी। इस सर्वेक्षण में सभी लोगो के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारियां एकत्र की जाएगी। गहन सर्वेक्षण के जरिए सर्दी खांसी बुखार के अलावे अन्य लक्षणों वाले लोगो को चिन्हित किया जाएगा। ऐसे संदिग्ध लोगों के जांच के लिए सैम्पल भी भेजे जाएंगे।
सासाराम की पॉजिटिव मरीज की ट्रेवल हिस्ट्री के बाद चैनपुर के 21 गांवों का हुआ सर्वे 
बता दें कि कि सासाराम की कोरोना पॉजिटिव मरीज की चैनपुर ट्रेवल हिस्ट्री सामने आई। इसके बाद  क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकने के लिए चैनपुर के 3 किलोमीटर रेंज के सभी 21 गांव की गहन सर्वे कराई गई। इसी तरह भभुआ में भी बेकरी दुकानदार के पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद सर्वे कराई गई। इसी तरह दुर्गावती के  खामिदौरा इलाके में भी सर्वेक्षण कराई गई। इसके पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से माइक्रो प्लान तैयार कर सर्वेक्षण कराई गई।  बताया गया है कि चैनपुर के 725 घरों में सर्वे कराई गई जिसमें 12 संदिग्ध सामने आए थे। जिनकी कोरोना जांच के लिए सैम्पल भेजे गए थे।

शुक्रवार को फिर भेजे गए 32 लोगों के सैम्पल
विभाग के आधिकारिक जानकारी के मुताबिक भभुआ के क्वारेंटाइन सेंटर और सिंवों स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल क्वारेंटाइन सेंटर से कुल 32 लोगों के सैम्पल एकत्रित कर जांच के लिए भेज गया। इसके पहले गुरुवार को भी 18 सैम्पल जांच के लिए भेजी गई है। इसके बाद अब रिपोर्ट का इन्तजार है।

प्रवासी मजदूरों की गांव दर गांव तैयार होगी सूची
यहां बता दें कि यूपी बिहार के कर्मनाशा बॉर्डर पर प्रवासी मजदूरों को ले जाने के लिए बसें लगा दी गई हैं। 25 दिन पहले भी यूपी-बिहार कर्मनाशा बॉर्डर पर हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर पहुंचे थे, जिन्हें सरकार के निर्देश पर बसों के जरिए उनके गृह जिला को भेजा गया था। उस समय यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद में फंसे मजदूरों को लाने के लिए बसें भेजी थी। इसके बाद ही कर्मनाशा बॉर्डर पर करीब 15 हजार के करीब प्रवासी मजदूर पहुंच गए थे। इस बीच जब केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को दूसरे प्रदेशों में फंसे प्रवासी मजदूरों को गृह राज्य बुलाने का निर्देश दिया है। इसके बाद से यूपी बिहार के कर्मनाशा बॉर्डर पर हलचलें तेज हो गई हैं।

प्रवासी मजदूरों को सीमा पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद भेजा जाएगा घर

कोरोना को लेकर लगाए लॉक डाउन के बीच देश के विभिन्न शहरों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य भेजने की तैयारी गुरुवार से शुरू कर दी गई। सरकार के निर्देश पर कैमूर डीएम व एसपी सहित कई आला अफसर यूपी-बिहार कर्मनाशा बॉर्डर पहुंचे। डीएम डाक्टर नवल किशोर चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार द्वारा तैयार रोड मैप से अवगत कराया। कहा गया कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे बिहार के मजदूरों के आने के बाद बॉर्डर पर ही सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसके बाद उनको बसों के जरिए मोहनिया और दुर्गावती में बनाए गए अस्थाई क्वॉरेंटाइन सेंटर ले जाया जाएगा। जहां भोजन कराने के बाद सभी को बसों के जरिए गृह जिला भेजा जाएगा। डीएम ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को ले जाने वाली बसों को पहले सेनेटाइज किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत मोहनिया को दी गई है। कैमूर जिले के प्रवासी मजदूरों का डाटाबेस तैयार करने के बाद उन्हें संबंधित प्रखंड मुख्यालय में बने क्वारंटाइन केंद्रों पर रखा जाएगा।

सबसे नया

To Top
//whugesto.net/afu.php?zoneid=3256832