क्या चल रहा है?

जल्द एसकेएमसीएच में शुरू होगी कोरोना की जांच, आईसीएमआर ने दी अनुमति

  • मुजफ्फरपुर में शहर से लेकर गांव तक लॉकडाउन का असर
  • कोरोना वायरस के 6 संदिग्धों का सैंपल भेजा पटना

मुजफ्फरपुर. कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए 21 दिन के लॉकडाउन का आज 20वां दिन है। मुजफ्फरपुर में शहर से लेकर गांव तक लॉकडाउन का असर है। जिले में कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला है। अभी कोरोना संदिग्ध का सैंपल जांच के लिए पटना भेजना पड़ रहा है, जल्द ही कोरोना की जांच मुजफ्फरपुर में शुरू हो जाएगी। आईसीएमआर ने एसकेएमसीएच को कोरोना जांच की अनुमति दी है।

6 संदिग्धों का सैंपल भेजा पटना
एसकेएमसीएच में कोरोना वायरस के 6 संदिग्धों का सैंपल लिया गया। सैंपल को जांच के लिए आरएमआरआई पटना भेजा गया है। 33 लोगों की स्क्रीनिंग हुई। शनिवार को जिन 5 संदिग्धों के सैंपल लिए गए थे, उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। एसकेएमसीएच में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 310 बेड तैयार है।

लॉकडाउन के दौरान सड़क पर निकले बाइक सवार को रोकते पुलिसकर्मी।छुट्‌टी रद्द होने पर भी गैरहाजिर रहे 21 डॉक्टरों से जवाब तलब
कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच राज्य सरकार ने सभी डॉक्टरों की छुट्टी रद्द कर दी है। रविवार को भी डॉक्टरों को उपस्थित रहने को कहा गया है। इसके बाद भी एसकेएमसीएच के 21 डॉक्टर अप्रैल माह के विभिन्न तिथियों को अस्पताल से अनुपस्थित रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव विवेकानन्द ठाकुर ने एसकेएमसीएच के अनुपस्थित सभी 21 डॉक्टरों से दो दिनों के अंदर स्पष्टीकरण पूछा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ इपिडेमिक डिजास्टर एक्ट व डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। योगदान नहीं करने तथा जवाब नहीं देने की स्थिति में समझा जाएगा कि इन डॉक्टरों को इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। उक्त डॉक्टरों में 1 व्याख्याता, 9 सहायक प्राध्यापक, 4 सीनियर रेजिडेन्ट तथा 7 जूनियर रेजिडेन्ट शामिल हैं। उक्त सभी डॉक्टर 1 से 6 अप्रैल तक किसी न किसी तिथि को अनुपस्थित रहे हैं। विभाग ने कहा है कि 13 मार्च 2020 से ही सभी डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां रद्द की जा चुकी हैं।

मुजफ्फरपुर की सीमा में प्रवेश से पहले ट्रक की जांच करते पुलिसकर्मी।

निजामुद्दीन मरकज से आए 108 लोगों का सुराग लगाना पुलिस के लिए चुनौती
दिल्ली के निजामुद्दीन के मरकज से मुजफ्फरपुर आए 248 में से 108 लोगों का सुराग लगाना पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती है। इनके मोबाइल नंबर पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। जांच में लगी प्रखंड के कर्मचारियों और थाने की पुलिस टीम को आशंका है कि फर्जी नाम-पते भी बड़े पैमाने पर सिम ली जाती हैं, ऐसे में इनमें से अधिकांश के नाम-पते फर्जी भी हो सकते हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक टीम सभी के घर पर पहुंचकर जानकारी ले रही है।

निजामुद्दीन मरकज में 15 मार्च को हुए कार्यक्रम से पहले और लॉकडाउन के बाद तक निजामुद्दीन इलाके की टावर डंपिंग रिपोर्ट के आधार पर मुजफ्फरपुर के स्थाई निवासी 248 लोगों की लोकेशन मरकज के आसपास मिली थी। राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से इन सभी का सुराग लगाकर जांच कराने का निर्देश दिया गया था। जिला कंट्रोल रूम ने मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो 140 लोगों से संपर्क हुआ। इसमें 87 लोग अब भी दिल्ली में ही हैं। 53 लोग दिल्ली से मुजफ्फरपुर लौटे हैं। इनकी स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने स्क्रीनिंग की है। किसी में कोई संदिग्ध लक्ष्ण नहीं मिला है। फिर भी एहतियातन पुलिस ने सभी को होम क्वारेंटाइन का निर्देश दिया है।

Source :www.bhaskar.com

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