काल चक्र

गृह मंत्रालय का निर्देश, पलायन कर रहे मजदूरों का ख्याल रखें राज्य

  • सभी राज्यों को गृह मंत्रालय का निर्देश
  • मजदूरों की आवश्यकता का रखें ख्याल

कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन है. इस वजह से दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में रह रहे मजदूरों की हालत बहुत खराब हैं. उनके पास कोई रोजगार नहीं है. इस वजह से उन्हें खाने और रहने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. गृह मंत्रालय ने सभी मजदूरों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सभी राज्यों को निर्देश जारी किया है. मंत्रालय ने सभी राज्यों से मजदूरों के लिए बने अस्थायी निवास में उनके खाने-पीने और अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने को कहा है.

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इतना ही नहीं कोरोना वायरस के खतरे से लोगों को आगाह करने के लिए, साथ ही फेक खबरों से बचाने के लिए सभी राज्यों को एक वेब-पोर्टल बनाने को कहा है. इस वेब पोर्टल के जरिए राज्य सरकार ना केवल अपने नागरिकों तक सही जानकारी पहुंचाएंगे बल्कि उनके द्वारा शुरू की जा रही योजना, फैसले आदि की भी जानकारी होगी.

बता दें, केंद्र सरकार ने भी इस तरह की एक व्यवस्था शुरू की है. कोरोना वायरस से लड़ाई में सरकार की क्या भूमिका है? सरकार किस तरह से कोरोना के खिलाफ देशवासियों को जागरूक कर रही है और अब तक संक्रमिकतों का सरकारी आंकड़ा क्या है? इन सभी सवालों का जवाब अब हर रोज शाम आठ बजे मालूम होगा. पीआईबी (प्रेस इंफोर्मेशन ब्यूरो- पत्र सूचना कार्यालय) प्रत्येक शाम एक मेडिकल बुलेटिन जारी करेगी, जिसमें सरकारी फैसले, सुधार और आगे के कार्यक्रम आदि की जानकारी दी जाएगी. बुधवार शाम 6.30 बजे पीआईबी ने पहला मेडिकल बुलेटिन जारी किया था.

पीआईबी और सूचना प्रसारण मंत्रालय ने COVID-19 फैक्ट चेक यूनिट नाम से एक वेब पोर्टल बनाया है. यूनिट को ईमेल पर संदेश मिलेगा, जिसका उन्हें जल्द से जल्द जवाब देना होगा. स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक प्रोफेशनल्स टीम का गठन किया है जिसमें AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के सदस्य भी शामिल होंगे. ये किसी भी तरह की आशंका को सुलझाएंगे.

वायरस के मुकाबले दहशत से ज्यादा परेशानी: SC

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि आश्रय गृहों में रखे गए कामगारों को भोजन और चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो. इसने यह भी निर्देश दिया कि प्रवासी मजदूरों को दहशत से उबरने में मदद करने के लिए प्रशिक्षित परामर्शदताओं और सभी धर्मों के नेताओं की मदद ली जाए क्योंकि कोरोना वायरस के मुकाबले दहशत से ज्यादा जिंदगियां बर्बाद होंगी.

न्यायालय ने कोरोना वायरस की वजह से कामगारों के पलायन को रोकने और 24 घंटे के भीतर इस महामारी से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए एक पोर्टल बनाने का भी केन्द्र को निर्देश दिया. न्यायालय ने कहा कि इस पोर्टल पर महामारी से संबंधित सही जानकारी जनता को उपलब्ध करायी जाए, ताकि फर्जी खबरों के जरिए फैल रहे डर को दूर किया जा सके.

देश में कोरोना तेजी से पांव पसार रहा है. मरीजों की संख्या 2000 को पार कर गई है, जबकि 58 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. पिछले 24 घंटे के अंदर ही सात लोगों की मौत हुई है और करीब 300 नए केस सामने आए हैं. तेजी से बढ़ते कोरोना संकट को लेकर पूरा देश चिंतित है. कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभी मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 बजे सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करेंगे.इस दौरान उनके राज्यों की ओर से किए जा रहे उपायों पर चर्चा की जाएगी. साथ ही कोरोना को रोकने के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए गए इंतजाम के बारे में बताया जाएगा. इससे पहले पीएम मोदी कई सेक्टर के लोगों के साथ कोरोना संकट पर चर्चा कर चुके हैं.

Source :aajtak.intoday.in

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