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गुड़गांव-दिल्ली बॉर्डर सील, 30 % बढ़ सकते हैं फलों के दाम, 20 % महंगी हो सकती हैं सब्जियां

  • गुड़गांव-दिल्ली बॉर्डर सील, 30 % बढ़ सकते हैं फलों के दाम, 20 % महंगी हो सकती हैं सब्जियां
  • बॉर्डर पर जरूरी सामान लेकर आने वाले लोगों के कागजों में कमी होने पर वापस लौटाया जा रह

गुड़गांव. कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए गुड़गांव- दिल्ली के सभी बॉर्डर सील कर दिए गए। बॉर्डर सील होने के कारण कोई भी व्यक्ति या वाहन दिल्ली से गुड़गांव की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकता है। बॉर्डर सील होने से पिछले दो दिन से दिल्ली आजादपुर मंडी से सब्जी व फल की गुड़गांव में सप्लाई नहीं हो रही है। जिसके कारण फल विक्रेताओं को चिंता सता रही है। फल विक्रेता अभी स्टॉक में रखे हुए माल को बेच रहे हैं। अगर जल्द ही दिल्ली- गुड़गांव बॉर्डर से सील नहीं हटती है तो फल व सब्जियां 20 से 30 प्रतिशत तक महंगी हो सकती हैं।

गुरुद्वारा रोड स्थित फल विक्रेता प्रहलाद, श्याम सुंदर, विनय कुमार, शमसुद्दीन, सलीम मोहम्मद ने बताया कि फल मंडी में अधिकतर फल आजादपुर मंडी से आते हैं। बॉर्डर को सील किए जाने के बाद पिछले दो दिन से दिल्ली से फल नहीं आए हैं। अभी तक स्टॉक में रखे हुए फल पुराने रेट पर बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कुछ दिन और बॉर्डर पर सील नहीं खुलती है तो 40 फीसदी फलों के रेट बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इसके बाद अगर खांडसा मंडी में भी फल नहीं मिलते हैं या महंगे रेट पर मिलते हैं तो दुकान बंद करने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।

क्या कहते हैं सब्जी विक्रेता

सब्जी विक्रेता हरनारायणसिंह, रामेश्वर सिंह, टमाटर के थोक विक्रेता बल सिंह, कृष्ण कुमार आदि ने बताया कि अगर लॉकडाउन नहीं होता तो दिल्ली गुड़गांव बॉर्डर सील करने से बहुत ज्यादा सब्जी महंगी हो जाती। अब होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, फाइव स्टार होटल, कंपनियों में कैंटीन बंद हैं। होटलों पर कुछ सब्जियां विदेश से आती हैं, जो आजादपुर मंडी में ही मिलती है। सब संस्थान बंद होने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। खांडसा रोड बड़ी सब्जी मंडी के प्रधान इंद्र सिंह ठाकरान, व कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि गुड़गांव में राजस्थान, मेवात तथा लोकल सब्जी आ रही है। होटल आदि व्यवसायिक संस्थान बंद हैं। जिसके कारण ज्यादा असर नहीं होगा।
क्या कहते हैं मार्केट कमेटी के अधिकारी

मार्केट कमेटी के सचिव व कार्यकारी अधिकारी विनय कुमार यादव ने बताया कि गुड़गांव में लोकल सब्जी आ रही है। अन्य स्टेट से भी सब्जी एवं फल मंडी में मंगवाया जा रहा है। मशरूम, लहसन, अदरक आदि कुछ सामान है जिनका गुड़गांव में असर पड़ेगा। 15 से 20 % सब्जी तथा 3 से 33% फल के रेट बढ़ने की संभावना है। मार्केट कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर सत्यप्रकाश ने बताया की गुड़गांव में प्रतिदिन 9 हजार क्विंटल सब्जी तथा 800 क्विंटल फल आता है। अन्य राज्यों से सीधा माल आने के कारण आजादपुर मंडी से माल नहीं आने से 20 से 25 फीसदी फर्क पड़ेगा।

दिल्ली से आ रहे बहुत जरूरी सामान के वाहनों को ही एंट्री

दैनिक भास्कर की टीम गुड़गांव व दिल्ली सीमा का दोपहर 1.30 बजे सिरहोल बॉर्डर पर पहुंची, जहां गुड़गांव पुलिस सख्ती से वाहनों की जांच करती मिली। इस सीमा पर हर घंटे औसतन 400 से अधिक गाड़ियां पहुंची रही थी। जिस पुलिस कर्मी गाड़ी चालकों के दस्तावेज जांच करने के बाद ही एंट्री कराती मिली। केवल पास देखकर पहले गाड़ियों की एंट्री करा दी जाती थी, लेकिन दो दिन से पहचान पत्र देखने और जरूरी काम व पास देखने के बाद ही एंट्री कराई जा रही है। जिनके पास दस्तावेज पूरे नहीं है तो उन्हें वापस भेजा जा रहा है। इसके बाद 2 बजे नाथपुर व दिल्ली के आयानगर बॉर्डर पर देखा कि गुड़गांव की टीम ने सिल्वर ओक से आगे चौक पर बैरियर लगाए हुए हैं और एक-एक गाड़ी को चैक करने के बाद ही निकलने दिया जा रहा है। वहीं दोपहर बाद 2.30 बजे ग्वालपहाड़ी-मांडी बॉर्डर पर करीब 50 मीटर में ही दोनों प्रदेशों की पुलिस तैनात है। दिल्ली की ओर से आने वाली गाड़ियों में से कई गाड़ियों को वापस भेज दिया गया। वहीं एसीपी करण गोयल ने बताया कि दिल्ली से हर घंटे औसतन 800 से अधिक गाड़ियां गुड़गांव की सीमा में आ रही हैं, लेकिन सभी बॉर्डर पर गहन जांच की जा रही है।

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