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गुजरात व महराष्ट्र से भूखे प्यासे लौट रहे श्रमिक, एमपी-यूपी बार्डर पर कराई जा रही खाने पीने की व्यवस्था

  • भाजपा के महानगर अध्यक्ष के मुताबिक पिछले छह दिनों से लगातार सीमा पर श्रमिकों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है
  • अब तक स्वयंसेवी संस्थाओं की तरफ से करीब 15 से 20 हजार लोगों को खाने के पैकेट और पानी की बोतलें बांटी गई हैं

झांसी. उत्तर प्रदेश में दूसरे राज्यों से आ रहे कामगारेां की वजह से कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं। इस बीच झांसी में महाराष्ट्र व गुजरात से लौट रहे भूखे प्यासे कामगारों को झांसी में भोजन की व्यवस्था करायी गई। भूखे प्यासे सैकड़ों श्रमिक पैदल तो तमाम ट्रक में सवार होकर गुजर रहे हैं। यूपी-एमपी सीमा पर ऐसे ही हजारों गुजरने वाले प्रवासी मजदूरों के भोजन की व्यवस्था की गई है।

दरअसल हर रोज हजारों प्रवासी श्रमिक शिवपुरी हाईवे पर एमपी व यूपी सीमा को जोड़ने वाले रक्सा बॉर्डर को पार कर रहे हैं। ट्रकों में ठसाठस भरकर कई दिनों तक भूखे प्यासे सफर कर रहे हैं। बॉर्डर पर सी भारतीय जनता पार्टी एवं दो समाजसेवी संस्थाओं द्वारा इनके लिए भोजन की व्यवस्था कराई गई है। हर गुजरने वाले ट्रक में लंच पैकेट, पानी की बोतलें और मास्क दिए जा रहे हैं।

बॉर्डर पर प्रशासन की टीम मजदूरों की गिनती करके डिटेल अपडेट करती है। भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष मुकेश मिश्रा बताते हैं कि महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश से लौटने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए संगठन की ओर से उनके लंच पैकेट और पानी का इंतजाम किया गया है। संगठन की ओर से लगातार 6 दिन से 15 से लेकर 20 हजार तक के लोगों के भोजन की व्यवस्था की जा रही है। हमारी महिला मोर्चा की कार्यकर्ता अपने हाथों से मास्क बना रही हैं। हम उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए यहां से गुजरने वाले प्रवासी मजदूरों को दे रहे हैं।

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