क्या चल रहा है?

खाते से पैसे निकालने को उमड़ रही भीड़, नजर नहीं आ रही सोशल डिस्टेंसिंग

  • लखनऊ से प्रयागराज, चंदौली तक बैंकों में उमड़ रही भीड़
  • लॉकडाउन में सरकार ने भेजी है पांच सौ रुपये की सहायता राशि

कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की तादाद लगातार बढ़ती ही जा रही है. सरकार ने कोरोना की रफ्तार थामने के लिए देश में लॉकडाउन लागू किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही प्रशासनिक अमले के अधिकारी भी लगातार लॉकडाउन का पालन करने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने की अपील कर रहे हैं. लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं.

अब उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बैंकों की शाखाओं पर खाते से पैसे निकालने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है. बैंकों की शाखाओं के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग कहीं नजर नहीं आ रही. यह भीड़ जनधन, मनरेगा मजदूर और विभिन्न पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों की है, जो अपने खाते में सरकार की ओर से भेजी गई सहायता राशि निकालने के लिए पहुंच रहे हैं.

इनमें से अधिकतर को यह भी नहीं पता कि उनके खाते में कितना पैसा आया है. चंदौली जिले के दीनदयाल नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर अपने खाते से पैसे निकालने पहुंचे कई लोगों ने इस बात की जानकारी से इनकार किया. वहीं, कुछ ने सुनी-सुनाई बातों के आधार पर सहायता राशि हजारों में बताई. अलीनगर निवासी विधवा पेंशन पाने वाली आशा देवी ने कहा कि लोगों ने बताया कि मोदी ने खाते में पांच हजार रुपये भेजे हैं. कुछ ऐसा ही जवाब दिया शारदा देवी ने भी. उन्होंने कहा कि गांव वालों ने उन्हें 5000 रुपये की राशि खाते में भेजे जाने की जानकारी दी.

बैंक कर्मचारियों ने ग्राम प्रधानों के माध्यम से भी खाता धारकों के खाते में आए पैसे और इनकी निकासी के संबंध में जानकारी देने का दावा किया है. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में चंदौली जिले के अलीनगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक अनुभव अग्रवाल ने कहा कि अंकों के हिसाब से खाते से पैसे निकालने की तिथियों का निर्धारण किया गया है.

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद जनता अपने पैसा पहले निकाल लेने के लिए होड़ मचाए हुए है. इसके कारण समस्या आ रही है. शाखा प्रबंधक ने कहा कि बैंक कर्मचारियों के लाख प्रयास, ग्राम प्रधानों के माध्यम से भी जानकारी दी गई कि वे क्रम से आएं. फिर भी जनता सुनने को तैयार नहीं. गौरतलब है कि सरकार ने लॉकडाउन लागू होने के बाद जनधन, मनरेगा और विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ पा रहे लोगों के खातों में पांच-पांच सौ रुपये की सहायता राशि भेजी थी.

Source :aajtak.intoday.in

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