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कोविड-19: स्पेशल एंबुलेंस के चालक व स्टाफ अब ड्यूटी के बाद नहीं जाएंगे घर, संक्रमण की रोकथाम को विभाग अब इनके रहने-खाने की करेगा व्यवस्था

  • एंबुलेंस चालक व स्टाफ कोरोना मरीज के संपर्क में रहते हैं, इसलिए इनके परिवार को संक्रमण से बचाने के लिए फैसला लिया गया है
  • दो ग्रुप में बांटे गए चालक व स्टाफ, आरक्षित स्पेशल एंबुलेंस के लिए 16 चालक व स्टाफ की तैनाती की गई है

कोरोना पीड़ित व संदिग्धों को अस्पताल लाने-ले जाने में लगीं स्पेशल एंबुलेंस के चालकों व स्टाफ को अब ड्यूटी के बाद घर नहीं भेजा जाएगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इनके रहने का इंतजाम स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जाएगा। इसको लेकर स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से आदेश जारी किया गया है। अभी एंबुलेंस संचालकों के रोज ड्यूटी के बाद घर जाने के कारण कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ था। इसलिए इन्हें कोरोना की रोकथाम तक विभाग की ओर से रहने व खाने की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में कोरोना पीड़ितों व संदिग्धों को अस्पताल लाने के लिए 2 स्पेशल एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। इसमें एक में एडवांस लाइफ सपोर्ट व एक बेसिक लाइफ सपोर्ट की सुविधा है। दोनों एयरलेस हैं। इनमें 8 कर्मचारियों की अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में इनका ड्यूटी के बाद घर जाना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए विभाग ने इनके रहने-खाने का इंतजाम करने का निर्णय लिया है। अब एंबुलेंस चालकों व स्टाफ को ड्यूटी के बाद घर जाने नहीं दिया जाएगा।
दो ग्रुप में बांटे गए चालक व स्टाफ, आरक्षित स्पेशल एंबुलेंस के लिए 16 चालक व स्टाफ की तैनाती की गई है
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोविड-19 के लिए आरक्षित स्पेशल एंबुलेंस के लिए 16 चालक व स्टाफ की तैनाती की गई है। इन्हें 8-8 की संख्या में दो ग्रुप में बांटा गया है। इनमें से 4 चालक व स्टाफ को शिफ्ट के अनुसार एंबुलेंस में ड्यूटी लगाई जा रही है। ड्यूटी समाप्त होने के बाद सभी को घर नहीं जाने दिया जा रहा है। उनके लिए हरियाणा टूरिज्म के होटल आदि में व्यवस्था की गई है।
ड्राइवर व स्टाफ से 14 दिन की ली जाती है ड्यूटी

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एंबुलेंस चालक व स्टाफ जो दो ग्रुप में बांटे गए हैं, इनसे 14-14 दिन तक ही काम लिया जाता है। जिस ग्रुप की 14 दिन की ड्यूटी समाप्त होती है उसे 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन कर दिया जाता है। इस दौरान इन पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। अगर इनमें से किसी में सर्दी, खांसी, बुखार आदि के लक्षण मिलते हैं तो फिर उसके सैंपल को लेकर जांच के लिए भेजा जाता है।

हर दिन लग रहे हैं 35 चक्कर
बीके अस्पताल स्थित एंबुलेंस के इंचार्ज हरकेश डागर के अनुसार कोविड-19 के लिए 2 एंबुलेंस की तैनाती की गई है। इनके हर दिन 30 से 35 चक्कर लग रहे हैं। कॉल आने पर इससे कोरोना पीड़ित व संदिग्धों को अस्पताल लाने का काम किया जा रहा है। संदिग्धों के सैंपल के लिए अस्पताल इसी एंबुलेंस से लाए जा रहे हैं। इस दौरान चालक व स्टाफ को पूरी तरह से सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। पीपीई किट, ग्लव्स, शूज कवर आदि से उन्हें लैस किया जाता है।

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