काल चक्र

कोरोना: बॉम्बे HC ने कहा- आरोपी को जमानत देकर नहीं तोड़ सकते लॉकडाउन के नियम

  • जमानत याचिका अत्यंत आवश्यक केस नहीं
  • कई लोगों की जान खतरे में नहीं डाल सकते

कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन है. इस वजह से कोर्ट की कार्यवाही भी लगभग बंद है. फिलहाल सिर्फ ‘बहुत जरूरी’ मामलों की ही सुनवाई हो रही है. शुक्रवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक जमानत याचिका सुनने से इसलिए इनकार कर दिया, क्योंकि राज्य में लॉकडाउन है.

जस्टिस एएम बदर ने जमानत याचिका खारिज करने से पहले कहा, “एक दोषी या आरोपी को जमानत देकर लॉकडाउन का उल्लंघन कर लाखों लोगों की जान को खतरे में नहीं डाला जा सकता है. इसलिए इस केस को ‘एक्स्ट्रीम अर्जेंट मैटर’ नहीं माना जा सकता है.”

इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि जमानत याचिका पर सुनवाई लॉकडाउन के बाद की जाएगी. बता दें, कोर्ट सोपन रमेश लांजेकर की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी. सोपन रमेश एक चीटिंग केस में आरोपी है.

इससे पहले सरकारी वकील ने भी जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि इस केस में ऐसा कुछ भी नहीं है कि इसे बहुत जरूरी मान लिया जाए.

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कोर्ट ने कहा, ‘राज्य में लॉकडाउन है. अन्य ऑफिस की तरह कोर्ट के ऑफिस भी बंद हैं. ऐसे में बहुत ही कम स्टाफ रखकर सिर्फ अत्यंत आवश्यक मामलों में ही सुनवाई की जा रही है. ऐसे में किसी आरोपी की जमानत याचिका की सुनवाई राज्य सरकार के लॉकडाउन आदेश का उल्लंघन होगा.’

 

Source :aajtak.intoday.in

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