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कोरोना के संकट में सरपंच भी निभा रहे अहम भूमिका, बाहरी लोगों की एंट्री रोकने को खुद पहरा दे रहे ग्रामीण

  • ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य रास्तों पर बैठे दिखाई देते हैं लाठी लेकर पहरेदार
  • गांवों को सेनिटाइज कराने के साथ ही पंचायतें सेनिटाइजर, मास्क व राशन वितरण भी कर रही है

पलवल. जिले की पंचायतें भी वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लॉकडाउन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसका परिणाम भी देखने को मिल रहा है। पलवल, होडल, हसनपुर, बड़ौली व पृथला सहित अन्य ब्लॉकों के ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना अपने पैर नहीं पसार सका है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए सभी पंचायतें सक्रिय भूमिका में हैं। ग्राम पंचायतों ने गांवों के मुख्य रास्तों पर नाकेबंदी कर किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाई हुई है। गांव में टीमें गठित करके मुख्य रास्तों पर पहरा लगा दिया गया है। किराएदारों पर सभी गांव में विशेष नजर रखी जा रही है। यही नहीं प्रतिदिन कई पंचायतें दूसरे प्रदेशों के लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था करने से लेकर राशन वितरण के कार्य में लगी हैं।
पलवल के डीसी नरेश नरवाल का कहना है कि जिले की सभी पंचायतों ने लॉकडाउन में सरकार व जिला प्रशासन की मद्द की है, जिन पंचायतों ने सूचना नहीं दी थी, ऐसी पांच पंचायतों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। लॉकडाउन में सामने आया है कि इस बार पढ़ी लिखी जो पंचायतें चुनी गई हैं, उन्होंने बिना किसी इजाजत के ही लॉकडाउन का भरपूर पालन किया और गांवों में पहरे शुरू करा दिए। जिले के सरपंच बधाई के पात्र हैं, क्योंकि इस लडाई को जीतने कि लिए सरपंचों व आम जनता के सहयोग की जरूरत है, जो जिले में भरपूर मिल रहा है।

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