क्या चल रहा है?

कृषि कार्य को लॉकडाउन से मुक्त रखने के चलते हुई 3.15 लाख मीट्रिक टन ज्यादा धान की खरीद: मोदी

  • पिछले साल से 5.88 लाख मीट्रिक टन अधिक हुई धान की खरीद
  • अब तक 3621 चयनित समितियों के जरिए 1400 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई

पटना. कृषि कार्यों को लॉकडाउन से मुक्त रखने के कारण 3.15 लाख मीट्रिक टन ज्यादा धान की खरीद हो सकी है। लॉकडाउन के कारण खरीद की अवधि 1 अप्रैल से बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गयी थी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने दी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक 16.91 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। 30 अप्रैल तक 20.06 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। यह पिछले साल के 14.16 लाख मीट्रिक टन से 5.88 लाख मीट्रिक टन अधिक है। अब तक 3621 चयनित समितियों के जरिए 1400 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है जो 15 जुलाई, 2020 तक खरीद जारी रहेगी।

मोदी ने बताया कि खरीफ मौसम 2019-20 में दो-दो बार बाढ़ आने और कतिपय क्षेत्रों में अल्प व विलंब से वर्षा होने के बावजूद राज्य में धान की अच्छी पैदावार हुई, जिससे 20 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद संभव हो सकी है। इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1815 रुपए के अतिरिक्त किसानों को गनी बैग मद में भी 25 रुपए का भुगतान किया गया है। अब तक किसानों को  3408.87 करोड़ का भुगतान किया गया है।

धान की सर्वाधिक खरीद कैमूर से 2.18 लाख मीट्रिक टन, रोहतास से 2.08 लाख मीट्रिक टन और औरंगाबाद से 1.31 लाख मीट्रिक टन की गई है। चयनित साढ़े तीन हजार से अधिक समितियों के जरिए 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। उपमुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे बिचौलियों से अपना गेहूं बेचने के बजाए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपए प्रति क्विंटल की दर से पैक्स को दें।

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