क्या चल रहा है?

एमपी-यूपी बार्डर पर परेशानी का सबब बन रहे गैर राज्यों से आ रहे मजदूर, सभी को क्वारैंटाइन कराया जा रहा

  • कोई हैदाराबाद से लगातार आठ दिनों तक पैदल चलकर पहुंचा झांसी तो किसी ने कहा कि रास्ते में खाने के पड़े लाले
  • तेलंगाना, सूरत और इंदौर में काम करने वाले मजदूर किसी तरह छुपते हुए यूपी बार्डर पर पहुंचे तो पुलिस ने पकड़

झांसी. उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। इस बीच अन्य राज्यों में काम करने वाले यूपी के श्रमिक लगातार यहां पहुंच रहे हैं। इस बीच झांसी में स्थित यूपी एमपी बॉर्डर पुलिस के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। शिवपुरी हाईवे पर हैदराबाद, तेलंगाना, सूरत और इंदौर से हर रोज हजारों प्रवासी मजदूर अपने घरों के लिए वापस आ रहे हैं। पुलिस इन्हें झांसी सीमा में प्रवेश नहीं करने दे रही है. लेकिन यह पुलिस से छिपकर खेतों के रास्ते यूपी-एमपी बॉर्डर पार कर जाते हैं। ऐसे मजदूरों को बड़ागांव थाना क्षेत्र में लगी बेरी कटिंग पर रोक दिया जाता है और वहां से क्वारन्टीन सेंटर भेजा जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक, प्रशासन ने यूपी एमपी बॉर्डर पर चार श्रेणी की सुरक्षा का इंतजाम किया है. पुलिस, पीएसी एनसीसी और एरियल सर्विस इसके अलावा आस-पास के गांव में ग्राम प्रधानों ने बैरिकेटिंग लगा रखी है.।इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूर छिपकर खेतों के रास्ते जनपद की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं।

मजदूरों ने सुनाई आपबीती

कन्नौज जनपद के रहने वाले नीतू बताते हैं कि 3 महीने पहले मैं तेलंगाना गया था। वहां आइसक्रीम की फैक्ट्री में काम कर रहा था। अचानक से लॉकडाउन हो गया और हमें खाने के लाले पड़ गए। हम पैदल ही अपने घर के लिए चल दिए। लेकिन जैसे ही यूपी की सरहद पार की हमें पकड़ लिया गया।

वहीं कन्नौज के ही रहने वाले राहुल बताते हैं कि मैं 8 दिन से लगातार पैदल चल रहा हूं। हैदराबाद की एक पेंट कंपनी में काम करता था। लॉकडाउन के बाद मालिक ने पैसा देना बंद कर दिया। हमें पैदल ही मजबूरी में अपने घर के लिए निकलना पड़ा। हर रोज सैकड़ों प्रवासी मजदूरों को क्वारैंटाइन किया जा रहा है जो छिपकर यूपी एमपी बॉर्डर पार कर लेते हैं. इनके लिए प्रशासन द्वारा उचित रहने और खाने की व्यवस्था है.

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