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एक महीने बाद शर्तों के साथ दुकानें खुलीं, लेकिन ग्राहक नदारद; कई जगह भ्रम की स्थिति रही

  • कोरोना की वजह से देश में  25 मार्च को लॉकडाउन लगाया गया था, फिर से 3 मई तक बढ़ा दिया गया
  • शनिवार को केंद्र सरकार ने सख्त शर्तों के साथ स्टेशनरी, हार्डवेयर से लेकर इलेक्टॉनिक्स की दुकानों को खोलने की मंजूरी दी

नई दिल्ली/मुंबई. देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पहली बार 25 मार्च को लॉकडाउन लगाया गया था। दूसरे फेज में इसे 3 मई तक बढ़ाया गया है। लॉकडाउन के बीच सरकार ने शनिवार को ढील देते हुए कोरोना हॉटस्पॉट्स को छोड़कर अन्य इलाकों में सभी दुकानें खोलने के आदेश दिए हैं। लोगों को जैसे ही पता चला वे घरों से बाहर निकल आए। एक महीने बाद दुकानदारों ने स्टेशनरी, हार्डवेयर से लेकर इलेक्टॉनिक्स और किराना की दुकानें खोलीं। लेकिन इसे लेकर भ्रम की स्थिति देखी गई। कुछ इलाकों में जरूरी सामानों की दुकानों पर भीड़ दिखी। पूरे देश से ऐसी तस्वीरें सामने आईं।

दिल्ली: एक महीने बाद दुकानें खुलीं 
लॉकडाउन की वजह से एक महीने बाद देश की राजधानी दिल्ली में किताबों के साथ-साथ हॉर्डवेयर दुकानें खुलीं। हालांकि, शनिवार सुबह कम ही लोग इन दुकानों पर पहुंचे। दुकानदारों का कहना था कि अभी एकदम से भीड़ की उम्मीद करना बेमानी है। कोरोना का डर हम सब में हैं।

यह फोटो दिल्ली के लक्ष्मी नगर का है। लॉकडाउन में रियायत मिलने के बाद शनिवार सुबह यहां कुछ हार्डवेयर की दुकानें खुलीं।

यह तस्वीर दिल्ली के लक्ष्मी नगर की है। शनिवार को स्टेशनरी की दुकानें भी खुलीं। हालांकि, ग्राहक नदारद रहे।

मुंबई: किरानों की दुकानों पर भीड़ ज्यादा दिखी 
मुंबई के कई इलाकों में किराना के अलावा इलेक्टॉनिक्स, हार्डवेयर जैसी दूसरी दुकानों पर भी भीड़ देखी गई। लेकिन रेड जोन में प्रशासन ने ढील नहीं थी।

तस्वीर मुंबई के भायखला इलाके की है। यहां लॉकडाउन से छूट मिलने पर सब्जी लेने के लिए लोगों की लाइनें में खड़े दिखे। बताया गया कई जगह एक से दो किमी लंबी कतारें थीं। 
यह तस्वीर मुंबई के उपनगर कुर्ला की है। रियायत मिलने के बाद शनिवार सुबह यहां जरूरी सामान खरीदने के लिए लोग दुकानों पर पहुंचे।

शिमला

यह फोटो शिमला की है। शनिवार को लंबे वक्त बाद लॉकडाउन में छूट मिली तो सड़कों पर निकल आए।

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