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‘इसने मेरा पूरा करियर बर्बाद कर दिया’, दानिश कनेरिया ने हिंदू विरोधी आफरीदी की पोल खोली

पाकिस्तानी हिंदू क्रिकेटर (पूर्व) दानिश कनेरिया एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछले वर्ष उन्होंने शोएब अख्तर के सनसनीखेज खुलासे पर सहमति जताते हुए बताया था कि कैसे कुछ कट्टरपंथी मुसलमान खिलाड़ियों ने उनके जैसे गैर मुस्लिम खिलाड़ियों का जीना दूभर कर दिया था। अब आज उन्होंने उन खिलाड़ियों में से एक की पोल भी खोली है, और वो कोई और नहीं है, बल्कि वो हैं पाकिस्तान के सबसे धाकड़ और दुर्भाग्यवश कट्टरपंथी खिलाड़ियों में शुमार शाहिद आफरीदी।

कनेरिया ने कराची से पीटीआई से बात करते हुए कहा कि उनके लिए अपने धर्म से परे आफरीदी के इस भेदभावपूर्ण व्यवहार के पीछे के कारण के बारे में सोचना मुश्किल था। कनेरिया के अनुसार-

जब हम घरेलू क्रिकेट में एक ही टीम के लिए खेल रहे थे या जब मैं एकदिवसीय टीम का हिस्सा था, वह हमेशा मेरे खिलाफ थे। यदि कोई व्यक्ति हमेशा आपके खिलाफ हो तो ऐसी स्थिति में इसके (धर्म) अलावा और क्या कारण हो सकता है?”

बता दें कि दानिश कनेरिया अपने मामा अनिल दलपत के बाद पाकिस्तान की ओर से खेलने वाले केवल दूसरे हिन्दू क्रिकेटर हैं। कनेरिया ने 61 टेस्ट में 34.79 की औसत से 261 विकेट लिए है। कनेरिया को हालांकि साल 2000 से 2010 के बीच सिर्फ 18 एकदिवसीय मैच खेलने का मौका मिला।

परन्तु कनेरिया सिर्फ इतने पर नहीं रुके। उन्होंने मानो शाहिद आफरीदी की पूरी कुंडली जगजाहिर करने की ठान ली थी। वे आगे बताते हैं-

मैं उनकी वजह से अधिक वनडे नहीं खेल सका और उन्होंने मेरे साथ गलत व्यवहार किया। जब हम डोमेस्टिक क्रिकेट (घरेलू क्रिकेट) में खेलते थे तब वह कप्तान थे। वह मुझे हमेशा टीम से बाहर रखते थे और एकदिवसीय टीम में भी हमेशा मेरे साथ ऐसा ही करते थे। वह बेवजह मुझे टीम से बाहर रखते थे”

बता दें कि पिछले वर्ष शोएब अख्तर ने पाकिस्तान में एक क्रिकेट चैट शो पर सनसनीखेज़ खुलासा किया कि कुछ खिलाड़ी धर्म के नाम पर बाकी खिलाड़ियों से भेदभाव करते थे।

‘गेम ऑन है’ नामक इस चैट शो में शोएब के साथ पूर्व कप्तान राशिद लतीफ और पूर्व मिडल ऑर्डर बल्लेबाज आसिम कमाल भी थे। विश्व के सबसे तेज़ गेंद फेंकने का रिकॉर्ड बनाने वाले शोएब अख्तर ने अपने साथी मोहम्मद यूसुफ (पहले उनका नाम यूसुफ योहाना था) को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, यूसुफ के 12 हजार रन होने थे लेकिन हमने उसे कभी सेफगार्ड नहीं किया। मेरी दो तीन प्लेयर्स से लड़ाई हुई। मैंने कहा कि अगर कोई हिंदू है तो भी वो खेलेगा। और उसी हिंदू ने हमें टेस्ट सीरीज जिताई।”

शो को होस्ट करने वाले क्रिकेट एक्सपर्ट डॉक्टर नुमान रियाज ने फौरन कहा- दानिश कनेरिया ने जिताई थी’? शोएब ने आगे कहा, “बात खुल जाएगी। लेकिन, बता दूं कि कुछ प्लेयर्स ने मुझसे कहा कि ये (दानिश) यहां से खाना क्यों ले रहा है। मैंने उनसे कहा कि मैं तुम्हें यहां से उठाकर बाहर फेंक दूंगा। कप्तान होगे तुम अपने घर के। वो तुम्हें 6-6 विकेट लेकर दे रहा है। इंग्लैंड में दानिश और शमी ने ही हमें सीरीज जिताई थी।”

अब बात करें शाहिद आफरीदी की, तो ये व्यक्ति कभी भी अपने कट्टरपंथी स्वभाव को जगजाहिर करने में पीछे नहीं रहा है। कश्मीर पर भड़काऊ बयान देने के अलावा ये जनाब हिन्दुओं से कितनी घृणा करते हैं, ये आप इस उदाहरण से ही समझ सकते हैं।

शाहिद अफरीदी ने अपनी जिंदगी का एक वाकया बताते हुए कहा था कि वह अपनी पत्नी से कहते थे कि स्टार प्लस ना देखा करें। जनाब ने बताया एक दिन स्टार प्लस चल रहा था और टीवी के सामने उनकी बेटी आरती करने की स्टाइल में हाथ घुमा रही थी, जिसके बाद उन्होंने गुस्से में आकर टीवी तोड़ दिया। शाहिद अफरीदी ने हिंदू धर्म में आरती करने को ड्रामा कह दिया, लेकिन ये तनिक भी नहीं सोचा कि जिसे वह ड्रामा कह रहे हैं, वह हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों का अहम हिस्सा है।

वास्तव में दानिश कनेरिया तो मात्र एक उदाहरण है, पाकिस्तान में गैर मुस्लिम निवासियों पर आए दिन अत्याचार किए जाते हैं। ईश निंदा के झूठे आरोपों में उन्हें फंसाया जाता है, युवा लड़कियों का अपहरण कर उन्हें जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया जाता है, और जो लोग इसका विरोध करते हैं उन्हें मौत के घाट उतार दिया जाता है। हालांकि, ये सराहनीय है कि देर से ही सही दानिश ने हिम्मत दिखाई और खुद के साथ हुए अन्याय को सभी के समक्ष रखा है।

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