क्या चल रहा है?

आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए कैट ने कहा- सरकार बनाए टास्क फोर्स, कहीं राज्य में आदेश नहीं माना जा रहा, तो कहीं ट्रांसपोर्ट व मजदूरों की समस्या

  • दुकानदार बोले- पुराना सामान बेच रहे हैं, सप्लाई में दिक्कत, डिस्ट्रिब्यूटर कहते हैं-लेबर नहीं है, आकर सामान ले जाओ
  • सप्लाई चेन का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जाना चाहिए, कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने की मांग

दिल्ली. लॉकडाउन के 17 दिन निकल गए और अभी दिल्ली में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कहीं बहुत बड़ी दिक्कत सामने नहीं आई है। लेकिन उड़ीसा, तेलंगाना और पंजाब की तरह जिस तरह से राज्य लॉक डाउन बढ़ा रहे हैं, उसमें थोक विक्रेताओं के पास मौजूद 20-25 दिन का माल और खुदरा व्यापारी के पास मौजूद 15 दिन के स्टॉक खत्म होने की आशंका है। ऐसे में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) ने गृहमंत्री अमित शाह और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति चेन में शामिल थोक सामान विक्रेता, ट्रांसपोर्टर्स, रिटेलर और निचले स्तर के दुकानदारों की एसोसिएशन के साथ केंद्र सरकार के बड़े अधिकारियों को शामिल करके एक टास्क फोर्स बनाने की मांग की है।

कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने की मांग
कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला राज्यों में गड़बड़ा रही है। केंद्र ने कुछ आदेश किए हैं लेकिन ये राज्य का विषय है। राज्य स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की सूची बनाकर प्रकाशित की जानी चाहिए। फिर ट्रांसपोर्ट और मजदूर की कमी की समस्या का समाधान भी होना चाहिए। पूरी आपूर्ति श्रृंखला का एक डिजिटल प्लेटफार्म बनाया जाना चाहिए। कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने की मांग की। खंडेलवाल का कहना है कि आपूर्ति बहुत जरूरी है, अब पुराना स्टॉक खत्म हो रहा है।

खारी बाबली किराना कमेटी ने कहा

दिल्ली सहित देशभर में किराना सामान की आपूर्ति करने वाले खारी बावली किराना कमेटी के प्रधान विजय गुप्ता (बंटी) का कहना है कि मजदूरों की दिक्कत है। यहां स्टॉक पर्याप्त है।

दुकानदार बोले- डिस्ट्रिब्यूटर कह रहा है सप्लाई नहीं देंगे 

वेस्ट गोरखपार्क की किराना दुकान चलाने वाले अशोक कुमार ने कहा कि आटा, मैदा,चावल और नमकीन वाले सप्लाई देने नहीं आ रहे हैं। जो पुराना माल था, वो भी धीरे-धीरे करके खत्म हो रहा है।

ड्राइवर-लेबर के बिना आपूर्ति चेन दुरुस्त कैसे होगी  

दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष राजिंदर कपूर कहते हैं कि लेबल और ड्राइवर नहीं आएगी तो सुधार कैसे होगा? सरकार कुछ नहीं कर रही है। हम कह रहे हैं सोशल सिक्योरिटी दिया जाए, चालक और मजदूरों को लाने का साधन हो, पास दिए जाएं।

Source :www.bhaskar.com

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