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अस्पताल ने गाइडलाइन फॉलो नहीं की, नर्स को कोरोना हो गया, क्वारेंटाइन में 40 स्वास्थ्यकर्मी

  • हिंदू राव अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी

नई दिल्ली. धर्मेंद्र डागर. हिंदू राव अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी भुगत रहे हैं। अस्पताल ने गाइडलाइन फॉलो नहीं की, जिससे नर्स को कोरोना हो गया, अब 40 स्वास्थ्यकर्मी क्वारेंटाइन में हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाइड लाइन जारी की थी। जिसके अनुसार डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मचारियों व मरीजों के इलाज तक के लि‍ए गाइडलाइन के अनुसार काम करना है। लेकिन इसके विपरीत उत्तरी दिल्ली नगर निगम निदेशक अस्पताल प्रशासन स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन के नियमों का उल्लंघन कर रहा है।

इसका खामियाजा डॉक्टरों, मरीजों व स्वास्थ्य कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। गाइडलाइन की अवहेलना करते हुए निगम अस्पताल प्रशासन ने पहले तो कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टरों को यू-टयूब से देखकर ट्रेनिंग लेने का कहा था। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने कोरोना का इलाज करने वाले सभी डॉक्टरों को ईमेल किया था। दूसरा कोरोना संदिग्ध मरीज को जनरल वार्ड में रखा गया था, जिसकी मौत हो चुकी है। जबकि अस्पताल में 2 कारोना वार्ड बनाए गए हैं। एक नर्स की ड्यूटी फीवर क्लीनिक में लगा दी, लेकिन उसे पीपी किट व एन-95 मास्क उपलब्ध नहीं कराए।

अस्पताल प्रशासन ने गाइड लाइन का उल्लंघन करते हुए दूसरे अस्पताल, डिस्पेंसरियों से स्टॉफ को बुला लिया। निदेशक अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण आयुष विभाग से नर्स को 14 दिन पहले हिंदूराव बुलाया गया। उसकी ड्यूटी फीवर क्लीनिक में लगाई गई। नर्स के परिजनों के मुताबिक, नर्स ने  चिकित्सा अधीक्षक से संपर्क किया, तब कोरोना का टैस्ट कराया गया, जो पॉजिटिव पाया गया है। इसके कारण अस्पताल के 40 स्वास्थ्य कर्मियों को क्वारेंटाइन किया गया है।
कोरोना संदिग्ध मरीज को जनरल वार्ड में किया भर्ती
कोरोना के एक संदिग्ध मरीज को 23 अप्रैल जनरल वार्ड नंबर-14 में भर्ती कर दिया। जबकि गाइडलाइन के मुताबिक किसी भी कोरोना संदिग्ध को अन्य मरीजों से अलग रखना चाहिए, या फिर आइसोलेशन वार्ड में रखा जाना चाहिए। इसके लिए अस्पताल में दो आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। लेकिन 25 अप्रैल को मरीज की मौत हो गई है। मरीज के रिश्तेदारों का कहना है कि मरीज को तेज बुखार और खांसी की शिकायत थी। उसका कोरोना टैस्ट कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। फिलहाल शव को मोर्चरी में रखा हुआ है।

कोरोना संदिग्ध व पीपीई किट की जांच की जाएगी
नार्थ एमसीडी के सूचना एवं जन संपर्क विभाग निदेशक वाईएस मान का कहना है कि कोरोना संदिग्ध की मौत व नर्स को पीपी किट व छुट्‌टी की मांग करने की बात की जांच की जाएगी। ऐसी स्थिति में जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अस्पताल प्रशासन निदेशक डॉ. अरुण यादव और हिंदूराव अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षण को कई बार फोन करने पर कॉल नहीं उठाया। जबकि अस्पताल की पीआरओ डॉ. अमिता सक्सेना ने दोनों ही मामलों के बारे में जानकारी नहीं होने के बात कही है।

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